फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Mandi News ›   कागजों में पुरानी और हकीकत में नई मशीनरी चलाकर कर दी खराब, अब अफसर करेंगे अपनी जेब से भरपाई

कागजों में पुरानी और हकीकत में नई मशीनरी चलाकर कर दी खराब, अब अफसर करेंगे अपनी जेब से भरपाई

Sat, 06 Jan 2018 10:09 PM IST
Updated Sat, 06 Jan 2018 10:09 PM IST
विज्ञापन
कागजों में पुरानी और हकीकत में नई मशीनरी चलाकर कर दी खराब, अब अफसर करेंगे अपनी जेब से भरपाई
पंप हाउस का निरीक्षण करते आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर। - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

धर्मपुर (मंडी)। पेयजल और सिंचाई की लिफ्टिंग के लिए लगे पंप और मोटरों की मरम्मत और खरीद के गड़बड़झाले की जांच की शुरुआत आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ने अपने ही गृह जिला से कर दी है। शनिवार को सुबह ही वह धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के बैंपड़ गांव में कांढापतन-ध्वाली पैरलल राइजिंग मेन के औचक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। हालांकि, पिछले कार्यकाल में विधायक रहते उन्होंने इस योजना में अनियमितता को कई बार उठाया था लेकिन अब मंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी योजना से आईपीएच विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। मौके पर ही तमाम अधिकारी भी बुलाए गए और पूछताछ के बाद बात सामने आई कि इस योजना के तहत नई मशीनरी को बिना विधिवत शुभारंभ के चला दिया गया है। कागजों में तो पुरानी मशीनरी से काम लिया जा रहा है, लेकिन यहां नई मशीनरी को ही चलाकर खराब कर दिया है। मुख्य पेयजल योजना के समानांतर इस योजना को शुरू किया गया था। नतीजन वहां पानी की किल्लत न हो, लेकिन निरीक्षण के दौरान मंत्री ने यहां बड़ी खामी पकड़ ली और त्वरित जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने मौके पर कहा कि यदि इसमें विभागीय अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही निकली तो पैसा अफसरों की पगार से कटेगा। वहीं, इस मशीनरी पर कितना पैसा खर्च हुआ है, इसका ब्योरा भी तलब किया है।
क्यों नहीं ली गई अनुमति
मौके पर पहुंचे आईपीएच मंत्री अफसर और कर्मचारियों पर भड़क गए। उन्होंने वहां पंप हाउस का निरीक्षण किया और पंप हाउस के बारे में विस्तृत जानकारी ली। जब अधिकारियों ने उन्हें जानकारी दी कि जिस स्कीम का अभी उद्घाटन नहीं हुआ है उसकी पंपिंग मशीन खराब हो गई है क्योंकि उसे बिना किसी अनुमति से चलाया जा रहा था। इस पर मंत्री बुरी तरह से उखड़ गए और जांच के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने कहा कि जिस भी कर्मचारी या अधिकारी के कारण यह मशीनरी खराब हुई है, इसकी भरपाई संबंधित कर्मचारी या अधिकारी से की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस स्कीम को तुरंत ठीक किया जाये तथा जो लाइन बिछाने को रह गई है, उसे पूरा करें।
विज्ञापन

जांच में निकली कोताही तो होगी कार्रवाई
आईपीएच मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर किए गए कार्य बर्दाश्त नहीं होंगे। कोताही निकलने पर कार्रवाई होगी। कांढापतन-ध्वाली पैरलल राइजिंग मेन की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। यहां पुरानी मशीन कागजों में चल रही है, लेकिन काम नई मशीन से लिया गया है। इसे कागजों में चालू ही नहीं दर्शाया गया है। यदि यह स्कीम ठेके पर दी गई है तो इसकी भी जांच होगी। सरकार प्रदेश में जलसंग्रहण पर विशेष ध्यान देगी तथा इसके लिए ऐसी जगह तलाशी जाएगी, जहां यह जलसंग्रहण किया जा सकता है और इसका मास्टर प्लान बनाकर भारत सरकार को भेजा ही नहीं जाएगा बल्कि उसे पूरा करवाने के लिए केंद्र सरकार से बजट का प्रावधान भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed