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शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियों से सराबोर हुआ सुंदरनगर
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:16 PM IST
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सुंदरनगर (मंडी)। शैला संगीत कला केंद्र की ओर से यहां पर 48वां विष्णु दिगंबर संगीत समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान स्थानीय व देश के नामी शास्त्रीय संगीतज्ञों ने मधुर ध्वनियों से संध्या को सराबोर कर दिया। संध्या का शुभारंभ मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर ने मां सरस्वती के पूजन के साथ किया। संध्या का आगाज शैला संगीत कला केंद्र के छात्रों ने सरस्वती वंदना के साथ किया और विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। जिसमें भजन, गजल गायन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा प्रदेश और दूसरे प्रदेशों से आए कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। जिसमें जालंधर से आई सुरप्रिया ने संतूर वादन में राग चारूकेसी प्रस्तुत किया। जबकि तबले पर जयदेव शर्मा ने संगत की। वहीं, कलाकेंद्र के कार्यकारी अध्यक्ष रजनीश गौतम ने भी प्रस्तुति दी। इसके उपरांत जालंधर से आए विख्यात सितार वादक मनु कुमार सीन की ओर से राग देस में विभिन्न लय में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उन्होंने राग पहाड़ी में धुन बजाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिमला के शास्त्रीय संगीतज्ञ सोमदेव वटु ने राग सवस्ती में विलविंत याल में माते शारदे विद्यादायनी भवानी और छोटे याल में पिया मोरे घर आए बलमा की प्रस्तुति देकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। शैला संगीत कला केंद्र के पूर्व संचालक रजनीश शर्मा ने बताया कि प. विष्णु दिगंबर 1930 में सुंदरनगर के पुराना बाजार में आए थे। यहां पहुंचने पर पूर्व सुकेत रियासत के राजा लक्ष्मण सेन व स्थानीय जनता ने उनका यथोचित सम्मान किया। शैला संगीत कला केंद्र के अध्यक्ष डा. गंगा राम 1969 से इस समारोह को हर साल मनाते हैं। इस मौके पर मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ने शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने के लिए शैला संगीत कला केंद्र की प्रशंसा की। सोहन लाल ठाकुर ने बताया कि देश के राष्ट्रीय गान के कई छंद पं. विष्णु दिगंबर पुलस्कर महाराज की ही देन है। ऐसे संगीतज्ञ से जीवन में प्रेरणा लेनी चाहिए। सोहन लाल ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 21 हजार देने की घोषणा की।
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