{"_id":"5a5a0a174f1c1bf1408b4a7e","slug":"191515850263-mandi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"2 लाख की आबादी को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
2 लाख की आबादी को नहीं मिल रही स्वास्थ्य सेवाएं
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नबाही/सरकाघाट (मंडी)। नागरिक अस्पताल सरकाघाट में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद खाली होने के चलते आज भी मरीजों का उपचार कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में तीन विधानसभा क्षेत्रों के मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं, लेकिन यहां पर विशेषज्ञ डाक्टर नहीं होने के चलते कई बार मरीजों को बैरंग लौटना पड़ता है। अब नई सरकार बनने के बाद क्षेत्र के लोगों को यहां पर विशेषज्ञ डाक्टरों के पद भरे जाने की उम्मीद जग गई है। सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय जनता ने नई सरकार से मांग की है कि यहां पर अब तो विशेषज्ञ डाक्टर भेज दिए जाएं। इस समय अस्पताल में डॉक्टरों के लगभग आधा दर्जन से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। यूं तो यहां पर अस्पताल के लिए डॉक्टरों के 17 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इसमें से वर्तमान में मात्र 11 ही डॉक्टर डेंटल सहित अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जबकि, आधा दर्जन से अधिक विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद खाली चल रहे हैं। नागरिक अस्पताल पर सरकाघाट ही नहीं बल्कि जोगिंद्रनगर, धर्मपुर और भोरंज विधानसभा क्षेत्रों की लगभग 2 लाख से ज्यादा आबादी को मेडिकल सुविधा उपलब्ध होती है। यहां हर रोज 500 से 700 के बीच ओपीडी रहती है। विशेषज्ञ डाक्टर नहीं होने के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ रहा है। पूर्व सरकार में स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक इस अस्पताल में रिक्त पड़े डॉक्टरों के पद भरने को लेकर कई बार मांग की जा चुकी है और कई सामाजिक संगठन इसे लेकर आंदोलन तक कर चुके हैं। बावजूद इसके खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया ठप पड़ी है।
पूर्व सीएम ने कई बार की घोषणाएं
पूर्व कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सरकाघाट के एक दिवसीय दौरे के दौरान 14 फरवरी 2015 और मई 2016 में अस्पताल का दौरा करके यहां ना सिर्फ 100 बिस्तरों को बढ़ाकर 200 करने और सभी विशेषज्ञ डाक्टरों के पद भरने की घोषणा की थी। लेकिन, पूर्व सीएम की घोषणा के बाद भी यहां की व्यवस्था जस की तस है। अस्पताल में न तो डाक्टरों की संख्या बढ़ी और न ही पूर्व मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बिस्तर बढ़े। यही नहीं यहां पर कार्यरत विशेषज्ञ दो डॉक्टरों के तबादले भी कर दिए गए। विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है
इन डाक्टरों की चल रही कमी
अस्पताल में रिक्त चल रहे डाक्टरों के पदों में सर्जन गायनी, एनेस्थीसिया, आई सर्जन और तीन एमबीबीएस डाक्टरों सहित कुल 7 विशेषज्ञ डाक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। इससे सैकड़ों मरीजों को परेशान होना पड़ता है। अस्पताल मात्र रेफरल अस्पताल ही बन कर रह चुका है। मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। विशेषज्ञ डाक्टर नहीं होने के चलते न तो आपरेशन हो पा रहे हैं और न ही टूटी हड्डियां जुड़ पा रही हैं।
विज्ञापन
शीघ्र डाक्टरों को भेजने की मांग
शहर भर के कई समाजसेवी संगठनों ने नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों के रिक्त पदों को सरकार से शीघ्र भरने की मांग की है। जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह, राज कुमार, हंसा देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप वशिष्ठ, पूर्व उपाध्यक्ष प्रताप चौहान, अश्विनी गुलेरिया, सेवा संकल्प समिति अध्यक्ष एनआर पाठक, पूर्व डायरेक्टर कृषि वेद प्रकाश शर्मा, बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, पेंशनर कल्याण संघ के अध्यक्ष नानक चंद शर्मा, विकलांग कल्याण संघ के सलाहकार हरिदास प्रजापति, वरिष्ठ नागरिक सभा के सदस्य हरवंस बन्याल, ध्यान सिंह चौहा, चंद्रमणि, लेख राज वैद्य, व्यापार मंडल प्रधान ओमप्रकाश ठाकुर, अराजपत्रित कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष संजय गारला, समाजसेवी विजय गुलेरिया, संजू गुप्ता, संजय ठाकुर, भारत बन्याल, संजीव शर्मा आदि ने नई सरकार से अति शीघ्र डाक्टरों के रिक्त पद भरने की मांग की हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी और विधायक
डाक्टर पीएल वर्मा प्रभारी सरकाघाट नागरिक अस्पताल ने बताया कि अस्पताल में रिक्त चल रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां कार्यरत सभी डाक्टर दिन रात मेहनत और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। रिक्त पदों की सूचना कई बार भेजी जा चुकी है। उधर, विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पड़े डाक्टरों के पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। इसे लेकर सरकार गंभीर है।
विज्ञापन
पूर्व सीएम ने कई बार की घोषणाएं
पूर्व कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सरकाघाट के एक दिवसीय दौरे के दौरान 14 फरवरी 2015 और मई 2016 में अस्पताल का दौरा करके यहां ना सिर्फ 100 बिस्तरों को बढ़ाकर 200 करने और सभी विशेषज्ञ डाक्टरों के पद भरने की घोषणा की थी। लेकिन, पूर्व सीएम की घोषणा के बाद भी यहां की व्यवस्था जस की तस है। अस्पताल में न तो डाक्टरों की संख्या बढ़ी और न ही पूर्व मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बिस्तर बढ़े। यही नहीं यहां पर कार्यरत विशेषज्ञ दो डॉक्टरों के तबादले भी कर दिए गए। विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के चलते मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है
विज्ञापन
इन डाक्टरों की चल रही कमी
अस्पताल में रिक्त चल रहे डाक्टरों के पदों में सर्जन गायनी, एनेस्थीसिया, आई सर्जन और तीन एमबीबीएस डाक्टरों सहित कुल 7 विशेषज्ञ डाक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। इससे सैकड़ों मरीजों को परेशान होना पड़ता है। अस्पताल मात्र रेफरल अस्पताल ही बन कर रह चुका है। मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया जाता है। विशेषज्ञ डाक्टर नहीं होने के चलते न तो आपरेशन हो पा रहे हैं और न ही टूटी हड्डियां जुड़ पा रही हैं।
विज्ञापन
शीघ्र डाक्टरों को भेजने की मांग
शहर भर के कई समाजसेवी संगठनों ने नागरिक अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों के रिक्त पदों को सरकार से शीघ्र भरने की मांग की है। जिला पार्षद भूपेंद्र सिंह, राज कुमार, हंसा देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष संदीप वशिष्ठ, पूर्व उपाध्यक्ष प्रताप चौहान, अश्विनी गुलेरिया, सेवा संकल्प समिति अध्यक्ष एनआर पाठक, पूर्व डायरेक्टर कृषि वेद प्रकाश शर्मा, बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नरेश शर्मा, पेंशनर कल्याण संघ के अध्यक्ष नानक चंद शर्मा, विकलांग कल्याण संघ के सलाहकार हरिदास प्रजापति, वरिष्ठ नागरिक सभा के सदस्य हरवंस बन्याल, ध्यान सिंह चौहा, चंद्रमणि, लेख राज वैद्य, व्यापार मंडल प्रधान ओमप्रकाश ठाकुर, अराजपत्रित कर्मचारी संघ जिला अध्यक्ष संजय गारला, समाजसेवी विजय गुलेरिया, संजू गुप्ता, संजय ठाकुर, भारत बन्याल, संजीव शर्मा आदि ने नई सरकार से अति शीघ्र डाक्टरों के रिक्त पद भरने की मांग की हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी और विधायक
डाक्टर पीएल वर्मा प्रभारी सरकाघाट नागरिक अस्पताल ने बताया कि अस्पताल में रिक्त चल रहे विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों के चलते मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां कार्यरत सभी डाक्टर दिन रात मेहनत और निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। रिक्त पदों की सूचना कई बार भेजी जा चुकी है। उधर, विधायक कर्नल इंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल में रिक्त पड़े डाक्टरों के पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। इसे लेकर सरकार गंभीर है।