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चुनाव पड़ेंगे विद्यार्थियों के भविष्य पर भारी
Updated Sun, 29 Oct 2017 11:18 PM IST
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मंडी। जिला मंडी में सैकड़ों अध्यापकों की विधानसभा चुनाव में ड्यूटी लगने से विद्यार्थियों के भविष्य पर तलवार लटक रही है। आलम यह है कि पहले से ही स्टाफ की कमी का दंश झेल रहे करीब 200 स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर संकट गहरा गया है। हालांकि, शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों का जिम्मा एसएमसी शिक्षकों को दे रखा है। लेकिन, कई स्कूलों में एसएमसी ने विरोध के स्वर मुखर करते हुए जिम्मेवारी लेने से मना कर दिया है। एसएमसी प्रधानों, सदस्यों, अभिभावकों ने इन पाठशालाओं को संभालने से पूरी तरह से इनकार कर दिया है। अभिभावकों का कहना है कि चुनावों के दौरान छात्रों की पूरी जिम्मेवारी शिक्षा विभाग की ही होगी। जिले के 21 प्राथमिक शिक्षा खंडों में मात्र ब्लॉक एक करसोग को छोड़कर करीब सभी ब्लॉक के स्कूलों के अध्यापकों की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई है। इन अध्यापकों के ड्यूटी पर जाने के बाद यह पाठशालाएं राम भरोसे ही चलेंगी। प्राथमिक शिक्षा खंड करसोग दो में ही करीब 26 प्राथमिक स्कूल बिना अध्यापकों के चलेंगे। दूसरी तरफ अभिभावकों और एसएमसी प्रधानों ने संयुक्त रूप से शिक्षकों की ड्यूटी कैंसल करने की मांग निर्वाचन अधिकारियों से की है।
विंटर स्कूलों में परीक्षाएं सिर पर
जिले के विंटर स्कूलों में बच्चों की परीक्षाएं सिर पर हैं। इसलिए इन स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी चुनावों में लगने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। विंटर स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर में होती हैं। इन परीक्षाओं के लिए बहुत कम दिन शेष रह गए हैं। अध्यापकों के न होने पर बच्चों को परीक्षाओं की तैयारियां करने में दिक्कतें पेश आएंगी।
क्या कहते हैं अभिभावक
राजकीय प्राथमिक पाठशाला पनेतु की एसएमसी प्रधान सीता देवी, सदस्य हेम लता, जयगोपाल, राजकीय प्राथमिक पाठशाला के प्रधान हरीचंद , राजकीय प्राथमिक पाठशाला कांडा के प्रधान बोधराज, राजकीय प्राथमिक पाठशाला खेलन के एसएमसी प्रधान दीप राम और राजकीय प्राथमिक पाठशाला शाकरा के प्रधान रेता राम, राजकीय प्राथमिक पाठशाला तलेहण के एसएमसी प्रधान गीताराम और अन्य स्कूलों के छात्रों के अभिभावकों रामलाल, कली राम, प्रेमदास, देवीराम मीना देवी, चंपा देवी, सुनीता देवी, कमला शर्मा, लीला, निर्मला देवी, मैना देवी आदि का कहना है कि छात्रों की पूरी जिम्मेवारी विभाग की है। इसके लिए विभाग को समय पर पुख्ता कदम उठाने चाहिए।
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नियमानुसार होगी कार्रवाई : उपनिदेशक
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक केडी शर्मा का कहना है कि स्कूलों के प्रभारियों को पहले ही इस इस बारे में सूचित कर दिया गया था। उन्होंने माना की पढ़ाई तो बाधित होगी, लेकिन शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में एसएमसी पर रखे शिक्षकों को जिम्मेवारी सौंपी गई है। अगर वह मना करते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। कुछ ही दिन की बात है। एसएमसी पर रखे शिक्षकों को जिम्मेवारी लेनी चाहिए।
सॉफ्टवेयर से लगाई ड्यूटी: उपायुक्त
इस बारे में उपायुक्त मंडी मदन चौहान का कहना है कि चुनावों में ड्यूटियां सॉफ्टवेयर के माध्यम से तय की हैं। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सॉफ्टवेयर में 7 हजार नाम डाले थे, जिसमें से 5 हजार की चुनाव ड्यूटियां रोस्टर से तय हुई हैं। इसमें प्रशासन का कोई लेना देना नहीं।
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विंटर स्कूलों में परीक्षाएं सिर पर
जिले के विंटर स्कूलों में बच्चों की परीक्षाएं सिर पर हैं। इसलिए इन स्कूलों के शिक्षकों की ड्यूटी चुनावों में लगने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। विंटर स्कूलों की वार्षिक परीक्षाएं दिसंबर में होती हैं। इन परीक्षाओं के लिए बहुत कम दिन शेष रह गए हैं। अध्यापकों के न होने पर बच्चों को परीक्षाओं की तैयारियां करने में दिक्कतें पेश आएंगी।
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क्या कहते हैं अभिभावक
राजकीय प्राथमिक पाठशाला पनेतु की एसएमसी प्रधान सीता देवी, सदस्य हेम लता, जयगोपाल, राजकीय प्राथमिक पाठशाला के प्रधान हरीचंद , राजकीय प्राथमिक पाठशाला कांडा के प्रधान बोधराज, राजकीय प्राथमिक पाठशाला खेलन के एसएमसी प्रधान दीप राम और राजकीय प्राथमिक पाठशाला शाकरा के प्रधान रेता राम, राजकीय प्राथमिक पाठशाला तलेहण के एसएमसी प्रधान गीताराम और अन्य स्कूलों के छात्रों के अभिभावकों रामलाल, कली राम, प्रेमदास, देवीराम मीना देवी, चंपा देवी, सुनीता देवी, कमला शर्मा, लीला, निर्मला देवी, मैना देवी आदि का कहना है कि छात्रों की पूरी जिम्मेवारी विभाग की है। इसके लिए विभाग को समय पर पुख्ता कदम उठाने चाहिए।
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नियमानुसार होगी कार्रवाई : उपनिदेशक
प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक केडी शर्मा का कहना है कि स्कूलों के प्रभारियों को पहले ही इस इस बारे में सूचित कर दिया गया था। उन्होंने माना की पढ़ाई तो बाधित होगी, लेकिन शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों में एसएमसी पर रखे शिक्षकों को जिम्मेवारी सौंपी गई है। अगर वह मना करते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। कुछ ही दिन की बात है। एसएमसी पर रखे शिक्षकों को जिम्मेवारी लेनी चाहिए।
सॉफ्टवेयर से लगाई ड्यूटी: उपायुक्त
इस बारे में उपायुक्त मंडी मदन चौहान का कहना है कि चुनावों में ड्यूटियां सॉफ्टवेयर के माध्यम से तय की हैं। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सॉफ्टवेयर में 7 हजार नाम डाले थे, जिसमें से 5 हजार की चुनाव ड्यूटियां रोस्टर से तय हुई हैं। इसमें प्रशासन का कोई लेना देना नहीं।