बड़ागांव में फैला डायरिया, 21 लोग चपेट में आए
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पधर (मंडी)। स्वास्थ्य खंड पधर की ग्राम पंचायत सिलग के बड़ागांव में 21 लोग डायरिया की चपेट में आ गए हैं। 12 मरीजों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। नौ लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। डायरिया की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य और आईपीएच विभाग की टीमें गांव के लिए रवाना हो गई हैं। शनिवार को मेडिकल आफिसर पधर डॉ. शेखर कपूर की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम ने बड़ागांव का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। डायरिया के कुछ मरीजों को पधर अस्पताल और अन्य को जोनल अस्पताल मंडी में भर्ती किया गया है। विभाग की टीमें गांव में डटी हैं। कुछ बीमार लोगों को घर पर भी उपचार दिया जा रहा है। गांव के पेयजल स्रोत के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैंपल एकत्र किए हैं। अभी डायरिया फैलने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। इससे पहले कटौला और नगवाईं क्षेत्र के तीन से चार गांव में डायरिया फैल चुका है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग पधर के सहायक अभियंता डीसी रावत ने बताया कि विभागीय जेई विजय गुप्ता को पानी के सैंपल एकत्र करने को कहा है। सैंपल की रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर आएगी।
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लक्षण और बचाव
लगातार दस्त और उल्टी होना डायरिया कहलाता है। डायरिया वायरल, बैक्टीरियल संक्रमण के कारण तो होता ही है लेकिन सबसे कॉमन कारण है खान-पान में गड़बड़ी, प्रदूषित पानी और आंत की गड़बड़ी होना है। दिन में अगर तीन से अधिक बार दस्त हो रहे हों तो यह डायरिया के लक्षण हैं। डायरिया होने पर ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रोलाइट्स पानी, ओआरएस घोल पीते रहना चाहिए ताकि डिहाइड्रेशन न हो। बरसात के दिनों में पानी उबाल कर ही पीना चाहिए।
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पीड़ितों की हालत सामान्य : शेखर कपूर
एमओ पधर डॉ. शेखर कपूर ने कहा कि शुक्रवार को बड़ागांव में डायरिया के 13 मामले सामने आए थे। शनिवार को विभागीय टीम ने गांव का दौरा किया। इस दौरान आठ नए मामले डायरिया के सामने आए हैं। पधर अस्पताल में सात रोगियों को इंडोर उपचार दिया जा रहा है और दो मरीज जोनल अस्पताल में दाखिल हैं। उन्होंने बताया कि दाखिल सभी नौ रोगियों की हालत सामान्य है।