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श्रीदेव बड़ेयोगी का प्राचीन मंदिर आग से राख, लाखों का नुकसान
Updated Tue, 19 Jun 2018 10:48 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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करसोग (मंडी)। उपमंडल के सरोर में प्राचीन श्रीदेव बड़ेयोगी का मंदिर आग की भेंट चढ़ गया है। हालांकि, अभी तक आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि देर शाम मंदिर में जलाए गए धूप से मंदिर में आग भड़क गई। श्रीदेव बड़ेयोगी को महाभारतकालीन देवता माना जाता है। वह पांडवों और कौरवों के गुरु द्रोणाचार्य के स्वरूप में माने जाते हैं। क्षेत्र में श्रीदेव बड़ेयोगी की बड़ी मान्यता है। बताया जा रहा है कि आग से मंदिर के अंदर रखा सारा समान जलकर राख हो गया। इस घटना में करीब 12 लाख का नुकसान हो गया है। मंदिर में चांदी के तीन छत्र समेत हर सामग्री राख हो गई है। 16 वर्ष पहले सन 2002 में मंदिर कमेटी ने लाखों रुपये खर्च कर इस मंदिर की मरम्मत की थी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लेकर छानबीन शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 12 बजे किसी व्यक्ति ने देव बड़ेयोगी मंदिर में आग की लपटें देखीं और इस बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। इस दौरान फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की लाख कोशिशों के बावजूद आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका और इस घटना में लाखों का नुकसान हो गया। आग से चांदी के तीन 3 छत्र, शंख सहित मंदिर में रखा लाखों का अन्य सामान भी राख हो गया। इस बारे में डीएसपी करसोग अरुण मोदी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तथ्य जुटाते हुए यह पाया कि किसी श्रद्धालु ने पौराणिक कास्ट कला की लकड़ी पर धूप जला दिया होगा, जिससे आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस मामले में गहनता से छानबीन कर रही है। तहसीलदार करसोग संजीत शर्मा ने बताया कि हलका कानूनगो और पटवारी ने घटना स्थल का मौका कर लिया है। देव कारदारों के अनुसार मंदिर में 10-12 लाख का नुकसान हुआ है। विभाग आकलन में जुट गया है।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लेकर छानबीन शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 12 बजे किसी व्यक्ति ने देव बड़ेयोगी मंदिर में आग की लपटें देखीं और इस बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। इस दौरान फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड की लाख कोशिशों के बावजूद आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका और इस घटना में लाखों का नुकसान हो गया। आग से चांदी के तीन 3 छत्र, शंख सहित मंदिर में रखा लाखों का अन्य सामान भी राख हो गया। इस बारे में डीएसपी करसोग अरुण मोदी ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तथ्य जुटाते हुए यह पाया कि किसी श्रद्धालु ने पौराणिक कास्ट कला की लकड़ी पर धूप जला दिया होगा, जिससे आग लगने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस इस मामले में गहनता से छानबीन कर रही है। तहसीलदार करसोग संजीत शर्मा ने बताया कि हलका कानूनगो और पटवारी ने घटना स्थल का मौका कर लिया है। देव कारदारों के अनुसार मंदिर में 10-12 लाख का नुकसान हुआ है। विभाग आकलन में जुट गया है।
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