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दसवीं पास डाक्टर धरा, क्लीनिक सीज; 70 किस्म की दवाएं जब्त
Updated Wed, 09 May 2018 09:56 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सरकाघाट (मंडी)। दुर्गम क्षेत्र में पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं न होने का फायदा उठाकर झोलाछाप डाक्टर मौत की दुकानें सजाकर आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बलद्वाडा के बलहरा में ऐसे ही एक झोलाछाप डाक्टर को मुख्य बाजार में क्लीनिक चलाते पकड़ा है। गुप्त सूचना पर पुलिस की मदद से की गई कार्रवाई में झोलाछाप डाक्टर क्लीनिक संचालन के तमाम दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को सीज कर लिया है। जबकि 70 किस्म की एलोपैथी की दवाएं मौके से बरामद कर कब्जे में ले ली हैं। छानबीन में पता चला है कि चिकित्सक महज दसवीं पास है और पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। कुछ समय से वह यहां क्लीनिक चला रहा था। कैंसर से लेकर एंटीबायोटिक और स्टीरायड तक की दवाएं देकर लोगों की जान से खेल रहा था। उधर, स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। स्वास्थ्य विभाग ने ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा कायम करके जांच शुरू कर दी है।
मंडी में दुर्गम क्षेत्रों में फैला है जाल
मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरों का जाल फैला हुआ है। स्वास्थ्य सेवाएं माकूल न होने के चलते लोगों को निजी क्लीनिक के सहारे रहना पड़ता है। दूरदराज के ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई की पकड़ भी ढीली रहती है। लिहाजा झोलाछाप चिकित्सकों के लिए ऐसे स्थान फर्जी क्लीनिक चलाने के लिए उपयुक्त रहते हैं और लोगों की जान से खेलकर ऐसे शातिर खूब चांदी कूटते हैं।
चिन्हित होंगे ऐसे झोलाछाप डॉक्टर
स्वास्थ्य और ड्रग्स विभाग ऐसे झोलाछाप डाक्टरों को चिन्हित करेगा। हालांकि शिकायत आने पर ऐसी कार्रवाई होती रहती है। इसके बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों में विभाग ऐसे झोलाछाप डाक्टरों पर कड़ी नजर रखेगा और कार्रवाई अमल में लाएगा।
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सीएमओ कार्यालय करें शिकायत
ड्रग्स इंस्पेक्टर ललित कुमार ने कहा कि 40 वर्षीय कुमारेश विश्वास को स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक चलाते धरा है। वह दसवीं पास है। वह बलहरा में क्लीनिक का संचालन कर रहा था। मौके पर संचालन के दस्तावेज दिखाने में वह नाकाम रहा। पुलिस की मदद से क्लीनिक को सीज कर लिया गया है। करीब 70 किस्म की दवाएं बरामद की गई हैं। ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान ड्रग्स इंस्पेक्टर सुंदरनगर रीना कुमारी भी टीम में मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि यदि झोलाछाप डाक्टरों की कोई भी जानकारी या सूचना हो तो सीएमओ कार्यालय शिकायत करें या सूचना अवश्य दें ताकि, लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।
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मंडी में दुर्गम क्षेत्रों में फैला है जाल
मंडी जिले के दुर्गम क्षेत्रों में झोलाछाप डाक्टरों का जाल फैला हुआ है। स्वास्थ्य सेवाएं माकूल न होने के चलते लोगों को निजी क्लीनिक के सहारे रहना पड़ता है। दूरदराज के ऐसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई की पकड़ भी ढीली रहती है। लिहाजा झोलाछाप चिकित्सकों के लिए ऐसे स्थान फर्जी क्लीनिक चलाने के लिए उपयुक्त रहते हैं और लोगों की जान से खेलकर ऐसे शातिर खूब चांदी कूटते हैं।
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चिन्हित होंगे ऐसे झोलाछाप डॉक्टर
स्वास्थ्य और ड्रग्स विभाग ऐसे झोलाछाप डाक्टरों को चिन्हित करेगा। हालांकि शिकायत आने पर ऐसी कार्रवाई होती रहती है। इसके बावजूद संवेदनशील क्षेत्रों में विभाग ऐसे झोलाछाप डाक्टरों पर कड़ी नजर रखेगा और कार्रवाई अमल में लाएगा।
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सीएमओ कार्यालय करें शिकायत
ड्रग्स इंस्पेक्टर ललित कुमार ने कहा कि 40 वर्षीय कुमारेश विश्वास को स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक चलाते धरा है। वह दसवीं पास है। वह बलहरा में क्लीनिक का संचालन कर रहा था। मौके पर संचालन के दस्तावेज दिखाने में वह नाकाम रहा। पुलिस की मदद से क्लीनिक को सीज कर लिया गया है। करीब 70 किस्म की दवाएं बरामद की गई हैं। ड्रग्स एंड कास्मेटिक्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इस दौरान ड्रग्स इंस्पेक्टर सुंदरनगर रीना कुमारी भी टीम में मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि यदि झोलाछाप डाक्टरों की कोई भी जानकारी या सूचना हो तो सीएमओ कार्यालय शिकायत करें या सूचना अवश्य दें ताकि, लोगों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।