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आदमखोर भालू को भगाने के लिए महज पटाखे फोड़ रहा विभाग
Updated Mon, 27 Nov 2017 10:30 PM IST
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बरोट (मंडी)। जिले की चौहारघाटी की मड पंचायत के झुकान गांव में भालू के आतंक से लोगों में खौफ है। 20 नवंबर को चमारु राम पर मादा भालू ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। छह दिन में क्षेत्र में यह आदमखोर मादा भालू तीन और लोगों पर हमला कर चुकी है। लेकिन, विभाग भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की बजाए हर दिन पटाखे चलाकर उसे जंगल की ओर भगाने का प्रयास कर रहा है।
हर दिन क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारी पटाखे फोड़ रहे हैं और भालू ग्रामीणों पर हमला कर रहा है। मांग के बावजूद भी भालू को पकड़ने में विभाग गंभीर दिखा रहा है। इससे ग्रामीणों में खौफ है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजरे लगाने की मांग विभाग से की है। छह दिनों में यह भालू कई दफा ग्रामीणों पर हमला कर चुका है। स्थानीय इंद्र सिंह, मदन, मोहन सिंह पर इसी मादा भालू ने हमला किया है। हालांकि, इन लोगों ने अपनी जान तो भालू से बचा ली है। लेकिन, क्षेत्र में भालू के आतंक से लोग डर के साये में जी रहे हैं। प्रधान मड सुमित्रा देवी, उप प्रधान बुद्धि सिंह, थल्टूखोड़ उपप्रधान नरेश कुमार, गांव झुकान के निवासियों देश राज, मेहर सिंह, हल्कू राम, शेष राम, अमर सिंह, प्रेम सिंह ने कहा कि इस गांव के 40 परिवार इस भालू के आतंक से खतरे में है।
लोगों ने कहा कि भालू के डर से बच्चों को माता पिता स्कूल तक छोड़ने जा रहे हैं। गांव की महिलाएं, सर्दियों के दिनों में घास लाने भी नहीं जा पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मादा भालू के दो बच्चे भी हैं। उपप्रधान नरेश ने कहा कि वन मंडल अधिकारी को इस भालू को पकड़ने के लिए फोन किया तो विभागीय अधिकारियों ने पटाखे फोड़कर भालू को भगाने का तोड़ निकाल कर कर्मचारियों को आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यदि भालू को पकड़ा नहीं गया तो कई लोगों को खतरा हो सकता है।
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कोट्स
वन मंडल अधिकारी जोगिंद्रनगर राजीव कुमार ने कहा कि उनको ग्रामीणों से शिकायत मिली है। विभाग के कर्मचारियों की टीम को हर दिन पटाखे लेकर क्षेत्र में भेजा जाता है, जिससे भालू जंगल की ओर भाग जाएं। भालू को भगाने के लिए हर दिन पटाखे फोड़े जा रहे हैं।
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हर दिन क्षेत्र में वन विभाग के कर्मचारी पटाखे फोड़ रहे हैं और भालू ग्रामीणों पर हमला कर रहा है। मांग के बावजूद भी भालू को पकड़ने में विभाग गंभीर दिखा रहा है। इससे ग्रामीणों में खौफ है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजरे लगाने की मांग विभाग से की है। छह दिनों में यह भालू कई दफा ग्रामीणों पर हमला कर चुका है। स्थानीय इंद्र सिंह, मदन, मोहन सिंह पर इसी मादा भालू ने हमला किया है। हालांकि, इन लोगों ने अपनी जान तो भालू से बचा ली है। लेकिन, क्षेत्र में भालू के आतंक से लोग डर के साये में जी रहे हैं। प्रधान मड सुमित्रा देवी, उप प्रधान बुद्धि सिंह, थल्टूखोड़ उपप्रधान नरेश कुमार, गांव झुकान के निवासियों देश राज, मेहर सिंह, हल्कू राम, शेष राम, अमर सिंह, प्रेम सिंह ने कहा कि इस गांव के 40 परिवार इस भालू के आतंक से खतरे में है।
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लोगों ने कहा कि भालू के डर से बच्चों को माता पिता स्कूल तक छोड़ने जा रहे हैं। गांव की महिलाएं, सर्दियों के दिनों में घास लाने भी नहीं जा पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मादा भालू के दो बच्चे भी हैं। उपप्रधान नरेश ने कहा कि वन मंडल अधिकारी को इस भालू को पकड़ने के लिए फोन किया तो विभागीय अधिकारियों ने पटाखे फोड़कर भालू को भगाने का तोड़ निकाल कर कर्मचारियों को आदेश दिए। उन्होंने कहा कि यदि भालू को पकड़ा नहीं गया तो कई लोगों को खतरा हो सकता है।
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वन मंडल अधिकारी जोगिंद्रनगर राजीव कुमार ने कहा कि उनको ग्रामीणों से शिकायत मिली है। विभाग के कर्मचारियों की टीम को हर दिन पटाखे लेकर क्षेत्र में भेजा जाता है, जिससे भालू जंगल की ओर भाग जाएं। भालू को भगाने के लिए हर दिन पटाखे फोड़े जा रहे हैं।