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भूकंप के झटकों से मंडी डीसी कार्यालय में हड़कंप
Updated Wed, 28 Jun 2017 10:43 PM IST
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भूकंप के झटकों से मंडी डीसी कार्यालय में हड़कंप
मेगा मॉक ड्रिल का सायरन बजते ही मची अफरा-तफरी
आपदा प्रबंधन पर जिले के सभी उपमंडलों और पंचायतों में करवाई मॉक ड्रिल
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। काल्पनिक भूकंप के झटकों से बुधवार को मंडी उपायुक्त कार्यालय में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन ने उपायुक्त कार्यालय और कोर्ट परिसर में मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का सायरन बजते ही डीसी कार्यालय और कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जिन लोगों को मॉक ड्रिल के बारे में जानकारी नहीं थी वे एकदम हड़बड़ा गए। सुबह 11:15 बजे सायरन के माध्यम से काल्पनिक भूकंप की सूचना दी गई, जिस पर स्थानीय प्रशासन की ओर से प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए गठित विभिन्न विभागों के राहत दल सूचना मिलते ही तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे तथा बचाव कार्यों में जुट गए। एसडीएम सदर पूजा चौहान ने कहा कि सूचना के तुरंत बाद राहत व बचाव कार्य शुरू किए गए। काल्पनिक भूकंप के कारण उपायुक्त कार्यालय को हुए नुकसान, इसके कारण हताहत हुए लोगों तथा गंभीर रूप से घायलों को निकालने का पूर्वाभ्यास किया गया। जोनल अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने मौके पर सभी घायलों के उपचार तथा आंशिक रूप से घायलों को उपचार के बाद छुट्टी और गंभीर घायलों को 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने का भी अभ्यास किया गया। उधर, उपायुक्त संदीप कदम ने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए गृह रक्षक (होमगार्ड), अग्निशमन, पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा विभागीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, ताकि वह किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय सहयोग दे सकें। मंडी जिला में पंचायत स्तर तक आपदा रक्षक टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि मंडी में जिला मुख्यालय, सभी उपमंडलों तथा सरकारी कार्यों के अतिरिक्त पंचायत स्तर तक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, ताकि लोगों को आपदा से निपटने के प्रति जागरूक किया जा सके।
सुंदरनगर में भूस्खलन के बीच फंसे लोगों को बाहर निकाला
सुंदरनगर (मंडी)। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भूकंप आने के बाद फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के सायरनों से सुंदरनगर शहर गूंज उठा। जिसके कारण लोगों में अफरातफरी मच गई। क्षेत्र के बाशिंदे कुछ समझ पाते दवानल विभाग ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू कर दिया और भूकंप और उसके कारण हुए भूस्खलन के बीच फंसे लोगों को निकाल कर उन्हें एंबुलेंस में डाल कर उपचार के लिए भेजना शुरू कर दिया। उपमंडल स्तर पर आयोजित की गई मॉक ड्रिल का नेतृत्व एसडीएम सुंदरनगर देवश्वेता बनिक ने किया। उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर की मेगा मॉकड्रिल बीबीएमबी के सीसे स्कूल व महावीर पब्लिक स्कूल में आयोजित की गई। इसके अलावा नरेश चौक व शहर के कुछ अन्य व्यस्त स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
गोहर, सरकाघाट, धर्मपुर और टिहरा में भी पूर्वाभ्यास
गोहर/सरकाघाट/टिहरा/धर्मपुर (मंडी)। बासा कालेज प्रांगण में भूकंप की स्थिति में आपदा प्रबंधन पर उपमंडल स्तरीय पूर्वाभ्यास किया गया। जिसमें बासा कालेज के अंतर्गत विज्ञान भवन और कला भवन प्रभावित साइट्स के रूप में चिन्हित किया गया। उपरोक्त दोनों स्थानों पर पुलिस, होमगार्ड एवं स्वास्थ्य विभाग के दो कार्यदलों ने बचाव एवं राहत कार्यों का पूर्वाभ्यास किया। एसडीएम गोहर राघव शर्मा ने कहा कि इस पूर्वाभ्यास का उद्धेश्य भूकंप की स्थिति में सरकारी विभागों की तत्परता जांचना तथा आम जनता में भूकंप के दौरान बचाव एवं सुरक्षा के उपायों के प्रति सजगता लाना था। कार्यक्रम में बासा कालेज के 150 छात्र, 35 एनसीसी, एनएसएस, रोवर एवं रेजर तथा स्वयंसेवक और उपमंडल गोहर के लगभग 75 सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। उधर, सरकाघाट में प्राकृतिक आपदा के समय बचाव के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। तहसीलदार सरकाघाट हुस्न चंद ने कहा कि पुलिस, गृह रक्षक तथा अग्निशमन के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा स्थानीय लोगों ने भूकंप से ध्वस्त विज्ञान भवन में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। वहीं, टिहरा के चोलथरा, ग्रेयोह, बसंतपुर, कोट, टिहरा, तनिहार, डरवाड तथा गद्धीधार पंचायतों में आपदा प्रबंधन पर अभ्यास किया। इधर, धर्मपुर एसडीएम कार्यालय सहित सभी पंचायतों में मॉक ड्रिल हुई, जिसमें आपदा आने पर कैसे निपटना है, के बारे में रिहर्सल की गई। एसडीएम किशोरी लाल के निर्देशानुसार सभी विभागों और पंचायतों में मॉक ड्रिल हुई।
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पधर और जोगिंद्रनगर में बचाए लोग
पधर/जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल मुख्यालय में आपदा प्रबंधन पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके अलावा सभी पंचायतों में पंचायत प्रधानों की अध्यक्षता में मॉक ड्रिल करवाई गई। कुन्नू पंचायत के प्रधान प्रेम सिंह प्रीतू ने आपदा प्रबंधन की लोगों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में बाढ़, बादल फटने की घटना के साथ भूकंप आने की संभावना रहती है। इससे बचाव के लिए प्रशिक्षित होना जरूरी है। इस मौके पर प्रोमिला शर्मा, केहर सिंह ठाकुर, रचना ठाकुर, जितेंद्र कुमार, सोहन सिंह, राजेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे। उधर, जोगिंद्रनगर उपमंडल के राजस्व प्रशिक्षण संस्थान में भूकंप से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। एसडीएम दीप्ति मंढ़ोत्रा ने कहा कि उपमंडल के समस्त कार्यालयों, 55 ग्राम पंचायतों तथा 314 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सफलतापूर्वक मॉक ड्रिल की गई।
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मेगा मॉक ड्रिल का सायरन बजते ही मची अफरा-तफरी
आपदा प्रबंधन पर जिले के सभी उपमंडलों और पंचायतों में करवाई मॉक ड्रिल
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी। काल्पनिक भूकंप के झटकों से बुधवार को मंडी उपायुक्त कार्यालय में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन ने उपायुक्त कार्यालय और कोर्ट परिसर में मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का सायरन बजते ही डीसी कार्यालय और कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जिन लोगों को मॉक ड्रिल के बारे में जानकारी नहीं थी वे एकदम हड़बड़ा गए। सुबह 11:15 बजे सायरन के माध्यम से काल्पनिक भूकंप की सूचना दी गई, जिस पर स्थानीय प्रशासन की ओर से प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए गठित विभिन्न विभागों के राहत दल सूचना मिलते ही तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे तथा बचाव कार्यों में जुट गए। एसडीएम सदर पूजा चौहान ने कहा कि सूचना के तुरंत बाद राहत व बचाव कार्य शुरू किए गए। काल्पनिक भूकंप के कारण उपायुक्त कार्यालय को हुए नुकसान, इसके कारण हताहत हुए लोगों तथा गंभीर रूप से घायलों को निकालने का पूर्वाभ्यास किया गया। जोनल अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने मौके पर सभी घायलों के उपचार तथा आंशिक रूप से घायलों को उपचार के बाद छुट्टी और गंभीर घायलों को 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने का भी अभ्यास किया गया। उधर, उपायुक्त संदीप कदम ने कहा कि किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए गृह रक्षक (होमगार्ड), अग्निशमन, पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा विभागीय कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, ताकि वह किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय सहयोग दे सकें। मंडी जिला में पंचायत स्तर तक आपदा रक्षक टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि मंडी में जिला मुख्यालय, सभी उपमंडलों तथा सरकारी कार्यों के अतिरिक्त पंचायत स्तर तक मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, ताकि लोगों को आपदा से निपटने के प्रति जागरूक किया जा सके।
सुंदरनगर में भूस्खलन के बीच फंसे लोगों को बाहर निकाला
सुंदरनगर (मंडी)। राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर भूकंप आने के बाद फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस के सायरनों से सुंदरनगर शहर गूंज उठा। जिसके कारण लोगों में अफरातफरी मच गई। क्षेत्र के बाशिंदे कुछ समझ पाते दवानल विभाग ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू कर दिया और भूकंप और उसके कारण हुए भूस्खलन के बीच फंसे लोगों को निकाल कर उन्हें एंबुलेंस में डाल कर उपचार के लिए भेजना शुरू कर दिया। उपमंडल स्तर पर आयोजित की गई मॉक ड्रिल का नेतृत्व एसडीएम सुंदरनगर देवश्वेता बनिक ने किया। उन्होंने कहा कि उपमंडल स्तर की मेगा मॉकड्रिल बीबीएमबी के सीसे स्कूल व महावीर पब्लिक स्कूल में आयोजित की गई। इसके अलावा नरेश चौक व शहर के कुछ अन्य व्यस्त स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
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गोहर, सरकाघाट, धर्मपुर और टिहरा में भी पूर्वाभ्यास
गोहर/सरकाघाट/टिहरा/धर्मपुर (मंडी)। बासा कालेज प्रांगण में भूकंप की स्थिति में आपदा प्रबंधन पर उपमंडल स्तरीय पूर्वाभ्यास किया गया। जिसमें बासा कालेज के अंतर्गत विज्ञान भवन और कला भवन प्रभावित साइट्स के रूप में चिन्हित किया गया। उपरोक्त दोनों स्थानों पर पुलिस, होमगार्ड एवं स्वास्थ्य विभाग के दो कार्यदलों ने बचाव एवं राहत कार्यों का पूर्वाभ्यास किया। एसडीएम गोहर राघव शर्मा ने कहा कि इस पूर्वाभ्यास का उद्धेश्य भूकंप की स्थिति में सरकारी विभागों की तत्परता जांचना तथा आम जनता में भूकंप के दौरान बचाव एवं सुरक्षा के उपायों के प्रति सजगता लाना था। कार्यक्रम में बासा कालेज के 150 छात्र, 35 एनसीसी, एनएसएस, रोवर एवं रेजर तथा स्वयंसेवक और उपमंडल गोहर के लगभग 75 सरकारी कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। उधर, सरकाघाट में प्राकृतिक आपदा के समय बचाव के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। तहसीलदार सरकाघाट हुस्न चंद ने कहा कि पुलिस, गृह रक्षक तथा अग्निशमन के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा स्थानीय लोगों ने भूकंप से ध्वस्त विज्ञान भवन में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। वहीं, टिहरा के चोलथरा, ग्रेयोह, बसंतपुर, कोट, टिहरा, तनिहार, डरवाड तथा गद्धीधार पंचायतों में आपदा प्रबंधन पर अभ्यास किया। इधर, धर्मपुर एसडीएम कार्यालय सहित सभी पंचायतों में मॉक ड्रिल हुई, जिसमें आपदा आने पर कैसे निपटना है, के बारे में रिहर्सल की गई। एसडीएम किशोरी लाल के निर्देशानुसार सभी विभागों और पंचायतों में मॉक ड्रिल हुई।
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पधर और जोगिंद्रनगर में बचाए लोग
पधर/जोगिंद्रनगर (मंडी)। उपमंडल मुख्यालय में आपदा प्रबंधन पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसके अलावा सभी पंचायतों में पंचायत प्रधानों की अध्यक्षता में मॉक ड्रिल करवाई गई। कुन्नू पंचायत के प्रधान प्रेम सिंह प्रीतू ने आपदा प्रबंधन की लोगों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में बाढ़, बादल फटने की घटना के साथ भूकंप आने की संभावना रहती है। इससे बचाव के लिए प्रशिक्षित होना जरूरी है। इस मौके पर प्रोमिला शर्मा, केहर सिंह ठाकुर, रचना ठाकुर, जितेंद्र कुमार, सोहन सिंह, राजेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे। उधर, जोगिंद्रनगर उपमंडल के राजस्व प्रशिक्षण संस्थान में भूकंप से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। एसडीएम दीप्ति मंढ़ोत्रा ने कहा कि उपमंडल के समस्त कार्यालयों, 55 ग्राम पंचायतों तथा 314 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी सफलतापूर्वक मॉक ड्रिल की गई।