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सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोपी दोषी करार
Updated Wed, 25 Oct 2017 06:22 PM IST
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सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का आरोपी दोषी करार
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सरकाघाट कोर्ट नंबर 2 ने सुनाया फैसला
एक साल कारावास, 1000 जुर्माने की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
सरकाघाट (मंडी)।
सरकारी कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोपी को दोषी करार देते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सरकाघाट कोर्ट नंबर 2 ने एक 1 वर्ष की कैद और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला न्यायवादी नितिन कुमार और अजय ठाकुर ने बताया कि 1 मई 2017 को सरकाघाट कोर्ट 1 के कर्मचारी मनोज कुमार ने सरकाघाट पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि समन की तामील के लिए रोपा कॉलोनी सरकाघाट रवाना हुआ था तो वहां पर जब इसने जयचंद पुत्र शालीग्राम के घर की घंटी बजाई तो घर के अंदर से जयचंद बाहर आया। उसकी गोद में छोटी सी बच्ची थी। उसने कहा कि जयचंद नहीं है। लेकिन, वह उसे जानता था। जब उसे कहा गया कि वह उसे जानता है तो आगबबूला हो गया और अनाप शनाप बकने लगा और गाली गलौज पर उतारू हो गया और मारपीट की धमकी दे डाली। शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है।
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ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सरकाघाट कोर्ट नंबर 2 ने सुनाया फैसला
एक साल कारावास, 1000 जुर्माने की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
सरकाघाट (मंडी)।
सरकारी कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोपी को दोषी करार देते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सरकाघाट कोर्ट नंबर 2 ने एक 1 वर्ष की कैद और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सहायक जिला न्यायवादी नितिन कुमार और अजय ठाकुर ने बताया कि 1 मई 2017 को सरकाघाट कोर्ट 1 के कर्मचारी मनोज कुमार ने सरकाघाट पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी कि समन की तामील के लिए रोपा कॉलोनी सरकाघाट रवाना हुआ था तो वहां पर जब इसने जयचंद पुत्र शालीग्राम के घर की घंटी बजाई तो घर के अंदर से जयचंद बाहर आया। उसकी गोद में छोटी सी बच्ची थी। उसने कहा कि जयचंद नहीं है। लेकिन, वह उसे जानता था। जब उसे कहा गया कि वह उसे जानता है तो आगबबूला हो गया और अनाप शनाप बकने लगा और गाली गलौज पर उतारू हो गया और मारपीट की धमकी दे डाली। शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। अब कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार दिया है।