{"_id":"621e572e04dead72250f38dc","slug":"140-devi-devta-attended-the-temple-of-rajdevta-madho-rai-mandi-news-sml4012066103","type":"story","status":"publish","title_hn":"140 देवी देवता पहुंचे: देवआस्था के महाकुंभ शिवरात्रि मेले के लिए एक साल बाद मिले देवी-देवता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
140 देवी देवता पहुंचे: देवआस्था के महाकुंभ शिवरात्रि मेले के लिए एक साल बाद मिले देवी-देवता
Tue, 01 Mar 2022 10:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Mar 2022 10:56 PM IST
सार
पारंपरिक वाद्ययंत्रों और देव ध्वनियों में देवलु नाचते गाते पहुंचे। देव समिति ने देवी-देवताओं का सत्कार करते हुए पंजीकरण किया। कारदारों और देवलुओं को लकड़ी, राशन, पगड़ी, दरी आदि आवश्यक सामग्री भेंट की और उनके स्थान तक रवाना किया।
विज्ञापन
मंडी में अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में भाग लेने पहुंचे चौहारघाटी के देवताओं के साथ आए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मंडी। समय : 12:00 बजे। स्थान : माधोराय मंदिर परिसर मंडी। दिन : मंगलवार। अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियां चली हैं। माधोराय मंदिर परिसर में सर्व देवता सेवा समिति देवताओं के पंजीकरण के लिए जुटी है। सवा बारह बजे पंडोह क्षेत्र के कुकलाह से देवी काश्मीरी, देव वीरनाथ हलगढ़ उत्तरशाल, सरोआ चच्चोट से देव कुडीनाग छंडैल ने देव रथों और देवलुओं सहित माधोराय मंदिर में हाजिरी भरी।
विज्ञापन
पारंपरिक वाद्ययंत्रों और देव ध्वनियों में देवलु नाचते गाते पहुंचे। देव समिति ने देवी-देवताओं का सत्कार करते हुए पंजीकरण किया। कारदारों और देवलुओं को लकड़ी, राशन, पगड़ी, दरी आदि आवश्यक सामग्री भेंट की और उनके स्थान तक रवाना किया।
विज्ञापन
यहां देवताओं और देवलुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात दिखा। दोपहर एक बजे सरोआ चच्चोट क्षेत्र के देव भरौणी शेषनाग, देवी घटासन ब्रह्मा बिहणधार घ्राण सदर, तरौर माहूंनाग, निशु पराशरी, दोपहर डेढ़ बजे देव वमौली महादेव बदार, सतपाल देव बदार और माहूंनाग देव टारना, दो बजे कैहनवाल के देव गुसाईं, शिवाबदार क्षेत्र से माता मैहणी और सोना सिंहासन, सनोर घाटी से देव नाहर सिंह विष्णु भगवान, देव खोडू, सवा तीन बजे देव गडोहणी बांधी और महाकाली डांटू, माता धारा नागण बदार, देव भैरव बदार, नैण तुंगा देवधार, पीरनाथ उत्तरशाल, लक्ष्मी नारायण परखैलराज, देव सरौल सराज, घटोत्कच कोटलू सराज पहुंचे।
विज्ञापन
एक वर्ष बाद सभी देवी-देवताओं ने मिलन कर एक-दूसरे को गले लगाया। देवी-देवताओं का मिलन देख सभी श्रद्धालु भी भाव विभोर हुए। सर्व देवता समिति के प्रधान शिवपाल शर्मा ने बताया कि मंगलवार देर शाम तक करीब 140 देवी-देवता महाशिवरात्रि की शोभा बढ़ाने मंडी पहुंचे।
तीन बजे माधोराय राजमहल में विराजे
दोपहर करीब तीन बजे राजदेवता माधोराय की पालकी राजमहल पहुंची। यहां राजा उमेश्वर सेन ने देवी-देवताओं का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान एसडीएम रितिका जिंदल भी मौजूद रहीं। साढ़े तीन बजे नैणा भगवती सकरोहा, अग्निपाताल कटौला, ब्राधिवीर कटौला, नैणा महामाया गुटकर सहित देव पराशर, मगरू महादेव, बालाकामेश्वर सारी, बगलामुखी, धुमा देवी सहित अन्य स्थानीय देवी-देवताओं ने माधोराय से मिलन किया।