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मंडी के तीर्थ स्थलों में उमड़े श्रद्धालु, आज होगा शाही स्नान
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मंडी। मकर संक्रांति पर सोमवार साढ़े 12 बजे के बाद पुण्य काल में दान करने की विधि निभाई जाएगी। सुबह के समय भद्रा होने के कारण इस बार पुण्य के सभी कार्य देरी से होंगे। मकर संक्रांति को लेकर तत्तापानी, रिवालसर, मार्कंडेय, कांढा पत्तन और अन्य तीर्थ स्थानों पर साही स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। इन तीर्थ स्थानों पर तुलादान करने के लिए तराजू भी लगाए जा चुके हैं। सोमवार को ही खिचड़ी भी बनाई जाएगी। जिले में संक्रांति पर पतंग उड़ाने की भी रिवाज है। तीर्थ स्थलों पर स्नान, दान, जप, तप और अनुष्ठान करने की पूरी तैयारी हो चुकी है। मकर संक्रांति के दिन से प्रयागराज में साही स्नान शुरू होने की भी प्रथा है। इस दिन स्नान और दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन से माघ महीना शुरू होता है और पूरा माह तक दान करना पुण्य समझा जाता है। इस दिन विशेष उपाय करने से भाग्य प्रबल होता है। आरोग्य, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
ज्योतिष डॉ. मनोज शैल ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन से कुंभ का साही स्नान होता है। तीर्थ स्थानों पर स्नान करने के पश्चात तुलादान करवाना महादान माना जाता है। मुहुर्त के अनुसार सोमवार को साढ़े 12 बजे के बाद पूजा, स्नान और दान करना शुभ है। सूर्य की उपासना का पर्व मकर संक्रांति से माघी (माह की दाल और घी) महीना शुरू होता है। इस दिन माह की दाल की खिचड़ी बनाकर खाने की प्रथा है।
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लोगों ने दिनभर खरीदी मूंगफली, गजक और रेवड़ी
लोहड़ी पर्व के लिए रविवार को दिनभर जिले के बाजारों में लोगों ने खरीदारी की। लोहड़ी के लिए मूंगफली, गजक, रेवड़ी आदि खरीदी गई। जिला के कई स्थानों में रविवार रात को बच्चों ने घर-घर जाकर लोहड़ी के गीत गाकर लोहड़ी मांगी। रविवार रात को जिले के हर घर में पारंपरिक रूप से बनाए जाने वाले पकवान बनाकर लोगों ने एक दूसरे को बांटे।
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ज्योतिष डॉ. मनोज शैल ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन से कुंभ का साही स्नान होता है। तीर्थ स्थानों पर स्नान करने के पश्चात तुलादान करवाना महादान माना जाता है। मुहुर्त के अनुसार सोमवार को साढ़े 12 बजे के बाद पूजा, स्नान और दान करना शुभ है। सूर्य की उपासना का पर्व मकर संक्रांति से माघी (माह की दाल और घी) महीना शुरू होता है। इस दिन माह की दाल की खिचड़ी बनाकर खाने की प्रथा है।
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लोहड़ी पर्व के लिए रविवार को दिनभर जिले के बाजारों में लोगों ने खरीदारी की। लोहड़ी के लिए मूंगफली, गजक, रेवड़ी आदि खरीदी गई। जिला के कई स्थानों में रविवार रात को बच्चों ने घर-घर जाकर लोहड़ी के गीत गाकर लोहड़ी मांगी। रविवार रात को जिले के हर घर में पारंपरिक रूप से बनाए जाने वाले पकवान बनाकर लोगों ने एक दूसरे को बांटे।
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