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बीडीसी अध्यक्ष पद पर भाजपा का अविश्वास प्रस्ताव धराशायी
Updated Tue, 08 May 2018 11:02 PM IST
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करसोग (मंडी)। करसोग में पहली बार पंचायत समिति अध्यक्ष के खिलाफ भाजपा की तरफ से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह धराशायी हो गया है, जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए अभी भी संघर्ष जारी है। मंगलवार को करसोग के पंचायत समिति हॉल में जिला पंचायत अधिकारी गिरीश समरा की देखरेख में भाजपा समर्थित सदस्यों ने कांग्रेस समर्थित बीडीसी अध्यक्ष चमेलु देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया। चुनाव प्रक्रिया में 24 में से 23 सदस्यों ने अपनी सहभागिता दर्ज की, जबकि एक बीडीसी सदस्य ने इस अविश्वास प्रस्ताव में हिस्सा नहीं लिया। इसमें वर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष ने अपनी सीट को बरकरार रखते हुए 12 वोट लेकर भाजपा को करारा झटका दिया। इससे बीडीसी अध्यक्ष की कुर्सी पर मंडरा रहे संकट के बादल पूरी तरह से छिटक गए। वहीं, उपाध्यक्ष पद के लिए कशमकश अभी भी जारी है उपाध्यक्ष के प्रस्ताव में कांग्रेस समर्थित दलीप मेहता के पक्ष में 11 वोट पड़े, जबकि 12 बीडीसी सदस्यों ने उपाध्यक्ष के खिलाफ वोट दिए। पंचायत अधिकारी करसोग लुदर सिंह ने बताया कि यह चुनावी प्रक्रिया 10 दिनों के भीतर अमल में लाई जाएगी। अब देखना यह होगा कि इस वर्चस्व की जंग में भाजपा अपना उपाध्यक्ष बना पाएगी या नहीं। यह स्थिति आगामी 10 दिनों के भीतर स्पष्ट हो जाएगी। लेकिन, अध्यक्ष पद की दावेदारी पर भाजपा को कांग्रेस ने पूरी तरह से पराजित कर दिया है। गौर हो कि इससे पहले पंचायत समिति धर्मपुर, गोपालपुर, गोहर और पधर में तख्तापलट हो गया है। इन सभी बीडीसी में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों पर भाजपा ने ही परचम लहराया है, लेकिन यहां पर भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है।
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