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सरकार के यू टर्न के बाद टेट मेरिट प्राप्त प्रशिक्षुओं में आक्रोश
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:58 PM IST
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मंडी। प्रदेश सरकार के यूटर्न के बाद अब टेट मेरिट आधार पर जेबीटी के 700 पदों के लिए काउंसलिंग में भाग लेने वाले प्रशिक्षुओं में आक्रोश बढ़ने लगा है। प्रदेश सरकार ने 11 माह पहले टेट मेरिट आधार पर काउंसलिंग करवाई थी। इसके बाद मामला ट्रिब्यूनल और हाईकोर्ट में जाने से परिणाम लटक गया। अब प्रदेश सरकार ने मामले में यू टर्न लेते हुए जेबीटी के 700 पदों को अब नए सिरे से 50 फीसदी बैचवाइज और 50 फीसदी कमीशन से भरने का निर्णय लिया है।
जिस पर टेट मेरिट प्राप्त प्रशिक्षुओं ने रोष बढ़ने लगा है। प्रशिक्षुओं में अमित कुमार, संजीव, राज, अमित ठाकुर, शिव, मुकेश, संजू शर्मा, शक्ति, श्वेता, ललित, नितिका, वंदना, पूजा, अजय, सतवीर, सुनीता, संतोष, मनीष, हेमचंद, कनिष्क, निखिल, विद्यासागर, धीरज, कुलवीर, धर्मपाल, संदीप ठाकुर, संजू, अंकुश सोनी, राजेश कुमार, शेर सिंह, राहुल, ज्योति, मनमोहन सिंह का कहना है कि सरकार के इस फैसले से वे मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। 2017 में शिक्षा विभाग ने 700 पदों के लिए टेट मेरिट आधार पर विज्ञापन जारी करके 11 जुलाई से 31 जुलाई तक काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी करवाई है। इसमें एक-एक प्रशिक्षु का लगभग 12 से 15 हजार का खर्च भी हुआ है। साथ ही बहुत से प्रशिक्षुओं ने अपनी निजी नौकरियां छोड़ इस प्रक्रिया में भाग लिया था। अब मात्र रिजल्ट निकलना शेष है। लेकिन, हाई कोर्ट में चल रहे केस के कारण रिजल्ट घोषित नहीं हो पा रहा है। प्रशिक्षुओं का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया के बीच में बने नियम उस भर्ती के लिए मान्य नहीं होते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही एक केस में अपनी राय दे चुका है। इस मामले में अब हाईकोर्ट में तारीख पर तारीख मिलने पर इस संबंध में कोई उचित फैसला नहीं लिया जा रहा है। अगली सुनवाई 10 जुलाई को रखी गयी है। उनका यह भी कहना है कि यदि टेट मेरिट आधार पर हुई काउंसलिंग प्रक्रिया को रद्द कर नया विज्ञापन जारी किया गया तो न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने को विवश होंगे।
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जिस पर टेट मेरिट प्राप्त प्रशिक्षुओं ने रोष बढ़ने लगा है। प्रशिक्षुओं में अमित कुमार, संजीव, राज, अमित ठाकुर, शिव, मुकेश, संजू शर्मा, शक्ति, श्वेता, ललित, नितिका, वंदना, पूजा, अजय, सतवीर, सुनीता, संतोष, मनीष, हेमचंद, कनिष्क, निखिल, विद्यासागर, धीरज, कुलवीर, धर्मपाल, संदीप ठाकुर, संजू, अंकुश सोनी, राजेश कुमार, शेर सिंह, राहुल, ज्योति, मनमोहन सिंह का कहना है कि सरकार के इस फैसले से वे मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। 2017 में शिक्षा विभाग ने 700 पदों के लिए टेट मेरिट आधार पर विज्ञापन जारी करके 11 जुलाई से 31 जुलाई तक काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी करवाई है। इसमें एक-एक प्रशिक्षु का लगभग 12 से 15 हजार का खर्च भी हुआ है। साथ ही बहुत से प्रशिक्षुओं ने अपनी निजी नौकरियां छोड़ इस प्रक्रिया में भाग लिया था। अब मात्र रिजल्ट निकलना शेष है। लेकिन, हाई कोर्ट में चल रहे केस के कारण रिजल्ट घोषित नहीं हो पा रहा है। प्रशिक्षुओं का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया के बीच में बने नियम उस भर्ती के लिए मान्य नहीं होते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही एक केस में अपनी राय दे चुका है। इस मामले में अब हाईकोर्ट में तारीख पर तारीख मिलने पर इस संबंध में कोई उचित फैसला नहीं लिया जा रहा है। अगली सुनवाई 10 जुलाई को रखी गयी है। उनका यह भी कहना है कि यदि टेट मेरिट आधार पर हुई काउंसलिंग प्रक्रिया को रद्द कर नया विज्ञापन जारी किया गया तो न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने को विवश होंगे।
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