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बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना शीघ्र बहाल हो
Updated Fri, 16 Mar 2018 07:16 PM IST
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बहुतकनीकी कालेज की अधिसूचना रद्द होने पर गर्माया माहौल
विधायक भाजपाइयों के साथ सीएम से मिले
करसोग संघर्ष समिति और एसफआई ने खोला मोरचा
कुछ देर के लिए धरना, कॉलेज के छात्रों ने किया प्रदर्शन
कहा, जनता से घरद्वार पर मिली सुविधा को छीना जा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
करसोग (मंडी)।
जंजैहली एसडीएम ऑफिस विवाद थमने के बाद अब करसोग में विरोध की चिंगारी सुलग गई है। बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना रद्द होने के बाद क्षेत्र की जनता, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और छात्र वर्ग में रोष है। यहां तक की भाजपाई भी बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना की बहाली को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। वहीं, जन कल्याण संघर्ष समिति करसोग ने इस फरमान का कड़ा विरोध किया है। शुक्रवार को बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना रद्द होने को लेकर कई स्थानों पर विरोध किया गया और ज्ञापन सौंपे गए।
विधायक हीरा लाल की अगुवाई में भाजपाई शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले। उपाध्यक्ष दयानंद वर्मा, कोलराम, निर्मल, हरि नारायण, सोहनलाल, ख़ुशी राम, कमल ठाकुर सहित भाजपा के पदाधिकारियों ने कॉलेज की बहाली की मांग रखी। विरोध के चलते शुक्रवार को करसोग की जनता एवं जन कल्याण संघर्ष समिति ने बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना रद्द करने के विरोध में एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा है। सरकार को चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र अधिसूचना बहाल नहीं होगी तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान लोग कुछ देर के लिए धरने पर भी बैठे। ज्ञापन भेजने वालों में चेतराम ठाकुर, जन कल्याण संघर्ष समिति करसोग के अध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य राम सिंह चौहान, तनु शर्मा, डिंपल कुमार, टेक चंद, मोहन लाल, प्रेम लाल, हेमराज आदि मौजूद रहे।
एसएफआई करेगी राज्यव्यापी आंदोलन
एसएफआई इकाई करसोग ने एसडीएम करसोग के माध्यम से पॉलिटेक्नीक कॉलेज की रद्द की गई अधिसूचना को बहाल करने के लिए सरकार को ज्ञापन भेजा है। इसमें छात्र संघ ने कहा कि पिछली सरकार ने करसोग में इस कॉलेज की अधिसूचना जारी की थी, परंतु मौजूदा सरकार की ओर से कॉलेज की अधिसूचना रद्द कर दी गई है, जिसका एसएफआई इकाई करसोग विरोध करती है। करसोग क्षेत्र के छात्रों को तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे स्थानों में जाना पड़ता है। छात्रों ने अधिसूचना को शीघ्र बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो एसएफआई राज्यव्यापी छात्र आंदोलन शुरू करेगी। इस मौके पर इकाई के अध्यक्ष कुलदीप, सचिव संतोष और सह सचिव अनिल तथा उपाध्यक्ष खेमराज शामिल रहे।
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विधायक भाजपाइयों के साथ सीएम से मिले
करसोग संघर्ष समिति और एसफआई ने खोला मोरचा
कुछ देर के लिए धरना, कॉलेज के छात्रों ने किया प्रदर्शन
कहा, जनता से घरद्वार पर मिली सुविधा को छीना जा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
करसोग (मंडी)।
जंजैहली एसडीएम ऑफिस विवाद थमने के बाद अब करसोग में विरोध की चिंगारी सुलग गई है। बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना रद्द होने के बाद क्षेत्र की जनता, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और छात्र वर्ग में रोष है। यहां तक की भाजपाई भी बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना की बहाली को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। वहीं, जन कल्याण संघर्ष समिति करसोग ने इस फरमान का कड़ा विरोध किया है। शुक्रवार को बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना रद्द होने को लेकर कई स्थानों पर विरोध किया गया और ज्ञापन सौंपे गए।
विधायक हीरा लाल की अगुवाई में भाजपाई शिमला में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले। उपाध्यक्ष दयानंद वर्मा, कोलराम, निर्मल, हरि नारायण, सोहनलाल, ख़ुशी राम, कमल ठाकुर सहित भाजपा के पदाधिकारियों ने कॉलेज की बहाली की मांग रखी। विरोध के चलते शुक्रवार को करसोग की जनता एवं जन कल्याण संघर्ष समिति ने बहुतकनीकी कॉलेज की अधिसूचना रद्द करने के विरोध में एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा है। सरकार को चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र अधिसूचना बहाल नहीं होगी तो जोरदार आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान लोग कुछ देर के लिए धरने पर भी बैठे। ज्ञापन भेजने वालों में चेतराम ठाकुर, जन कल्याण संघर्ष समिति करसोग के अध्यक्ष, जिला परिषद सदस्य राम सिंह चौहान, तनु शर्मा, डिंपल कुमार, टेक चंद, मोहन लाल, प्रेम लाल, हेमराज आदि मौजूद रहे।
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एसएफआई करेगी राज्यव्यापी आंदोलन
एसएफआई इकाई करसोग ने एसडीएम करसोग के माध्यम से पॉलिटेक्नीक कॉलेज की रद्द की गई अधिसूचना को बहाल करने के लिए सरकार को ज्ञापन भेजा है। इसमें छात्र संघ ने कहा कि पिछली सरकार ने करसोग में इस कॉलेज की अधिसूचना जारी की थी, परंतु मौजूदा सरकार की ओर से कॉलेज की अधिसूचना रद्द कर दी गई है, जिसका एसएफआई इकाई करसोग विरोध करती है। करसोग क्षेत्र के छात्रों को तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे स्थानों में जाना पड़ता है। छात्रों ने अधिसूचना को शीघ्र बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो एसएफआई राज्यव्यापी छात्र आंदोलन शुरू करेगी। इस मौके पर इकाई के अध्यक्ष कुलदीप, सचिव संतोष और सह सचिव अनिल तथा उपाध्यक्ष खेमराज शामिल रहे।
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