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नेरचौक मेडिकल कालेज का निर्माण कर रही कंपनी को नोटिस
Updated Fri, 08 Dec 2017 11:02 PM IST
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नेरचौक(मंडी)। करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज का कार्य अभी भी अधूरा पड़ा हुआ है। भवन निर्माण में देरी के लिए कंपनी को कालेज प्रबंधन ने नोटिस जारी किया है। जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की हिदायत दी है अन्यथा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। आचार संहिता के बाद यहां ओपीडी शुरू होनी है। वर्तमान में मंडी जोनल अस्पताल को अटैच किया है। तर्क है कि निर्माण में लगी कंपनी अगर समय पर काम पूरा नहीं करती है तो ओपीडी शुरू करने में दिक्कत हो सकती है। नोटिस जारी करने की पुष्टि नेरचौक कालेज के अतिरिक्त निदेशक किशोरी लाल ने की है। उन्होंने कहा कि यदि नोटिस के तहत निर्माण कर रही कंपनी ने काम पूरा नहीं किया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस संबंध में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। जिसमें निर्माण पूरा न होने का मुद्दा भी छाया रहा।
2012 में पूरा होना था काम
गौरतलब है कि 2009 में काम का ठेका निजी कंपनी को दिया गया। कॉलेज का कार्य 2012 में पूरा होना था लेकिन 2017 खत्म होने को है लेकिन, अभी तक निर्माण कार्य शेष है। बताया जा रहा है कि कंपनी को एक अन्य बड़े संस्थान का काम भी मिल गया है। जिसके चलते कंपनी ने पूरा ध्यान उस निर्माण कार्य को पूरा करने में डायवर्ट कर दिया। जिस कारण नेरचौक कालेज के निर्माण में देरी होती जा रही है।
ट्रॉमा, न्यूरो सर्जरी और कैंसर अस्पताल भी
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में लेवल वन के ट्रामा सेंटर के साथ न्यूरो सर्जरी और कैंसर जैसी घातक बीमारी के इलाज की सुविधा भी मिलनी है। ट्रामा सेंटर नए साल से खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि स्टाफ की कमी है। लेकिन इसे भी पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरा बैच बैठाने की अड़चनों को दूर करने के लिए भी प्रबंधन अग्रसर है।
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2012 में पूरा होना था काम
गौरतलब है कि 2009 में काम का ठेका निजी कंपनी को दिया गया। कॉलेज का कार्य 2012 में पूरा होना था लेकिन 2017 खत्म होने को है लेकिन, अभी तक निर्माण कार्य शेष है। बताया जा रहा है कि कंपनी को एक अन्य बड़े संस्थान का काम भी मिल गया है। जिसके चलते कंपनी ने पूरा ध्यान उस निर्माण कार्य को पूरा करने में डायवर्ट कर दिया। जिस कारण नेरचौक कालेज के निर्माण में देरी होती जा रही है।
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ट्रॉमा, न्यूरो सर्जरी और कैंसर अस्पताल भी
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में लेवल वन के ट्रामा सेंटर के साथ न्यूरो सर्जरी और कैंसर जैसी घातक बीमारी के इलाज की सुविधा भी मिलनी है। ट्रामा सेंटर नए साल से खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि स्टाफ की कमी है। लेकिन इसे भी पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं दूसरा बैच बैठाने की अड़चनों को दूर करने के लिए भी प्रबंधन अग्रसर है।
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