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Mandi Cloudburst: पंगल्यूर गांव के प्रभावित झेल रहे हैं आपदा का दोहरा दंश, अभी तक लापता हैं पांच लोग; जानें

Thu, 17 Jul 2025 03:50 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी) Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 17 Jul 2025 03:50 PM IST
सार

Mandi Cloudburst: जिला मंडी का पंगल्यूर गांव जहां के पांच लोग अभी भी लापता हैं। आपदा प्रभावित परिवारों के सामने आज सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि आने-जाने के रास्ते भी नहीं बचे हैं। पढ़ें पूरी खबर...

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Mandi Cloudburst affected people of Pangalur village are facing the double whammy of disaster
आपदा प्रभावित गांव। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के गोहर उपमंडल के तहत आने वाली ग्राम पंचायत स्यांज के पंगल्यूर गांव में 30 जून की रात को आई आपदा में दो परिवारों ने नौ सदस्यों को खो दिया। इसमें से चार शव बरामद हो चुके हैं, जबकि पांच अभी तक लापता हैं। अपनों के इंतजार में आज भी आंखें मलबे की तरफ टकटकी लगाए बैठी हैं, लेकिन मलबा इतना ज्यादा है कि अपनों के मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

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पैदल चलने के लिए रास्ते भी नहीं बचे
आपदा प्रभावित परिवारों के सामने आज सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि आने-जाने के रास्ते भी नहीं बचे हैं। प्रभावित कुशमा देवी और हेमलता ने बताया कि आपदा के कारण घर, गौशालाएं और जमीनें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं। खड्ड को पार करने के लिए बनाया गया पुल और पैदल चलने के रास्ते भी आपदा की भेंट चढ़ गए हैं। अब आलम यह है कि घर तक राशन पहुंचाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से रास्तों को दुरूस्त करने की गुहार लगाई है।

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30 जून की रात को कभी नहीं भुला पाएंगे प्रभावित
आपदा प्रभावित कुशमा देवी ने बताया कि 30 जून की रात को आई भीषण त्रासदी को वह कभी नहीं भुला पाएंगी। आज भी उस रात के भयानक मंजर की तस्वीरें चेहरे के सामने आते ही झकझोर कर रख देती हैं। कुशमा ने बताया कि 30 जून की रात को भयंकर बारिश हो रही थी, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली चली गई थी। जो घर पानी में बह गए वहां नौ लोग रह रहे थे। सकोली खड्ड में पहले कभी इतना पानी नहीं देखा, जितना उस रात को आ गया था।

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लापता लोगों को ढूंढने की गुहार
रात 1 बजकर 35 मिनट पर उनकी उन घरों में फंसी उमावती से बात हुई। उमावती ने कहा कि अब वे नहीं बचेंगे। रात एक बजकर 55 मिनट तक उमावती के फोन से लगातार चिल्लाने की आवाजें आती रही। जब आवाजें शांत हुई तो उसके बाद सामने सिर्फ पानी के सैलाब के अलावा और कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। प्रभावित ढमेश्वर ने बताया कि लापता नौ लोगों में से चार के शव मिल चुके हैं, जबकि पांच अभी भी लापता हैं। इन्होंने प्रशासन ने लापता लोगों को जल्द ढूंढने की गुहार लगाई है।
 

इनके शव हो चुके हैं बरामद
अभी तक जिनके शव बरामद हो चुके हैं, उनमें 47 वर्षीय पार्वती, 9 वर्षीय कनिका, 29 वर्षीय इंद्रदेव और 70 वर्षीय देवकू देवी शामिल हैं। जबकि 75 वर्षीय पदम देव, 50 वर्षीय झाबे राम, 27 वर्षीय उमावती, 7 वर्षीय गौतम और 70 वर्षीय सुरमि देवी अभी तक लापता हैं।
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