Manali: सोलंग स्काईअल्ट्रा दौड़ का आगाज; खड़ी चढ़ाई और टूटे रास्ते ले रहे धावकों की परीक्षा, जानें विस्तार से
शनिवार को मनाली की सोलंग घाटी में सबसे कठिन हाई-एल्टीट्यूड ट्रेल रनिंग दौड़ सोलंग स्काईअल्ट्रा का आगाज हुआ। विभिन्न पेशों से जुड़े धावकों के मनाली में डेरा जमाने से रौनक बढ़ गई है।
विस्तार
पर्यटन नगरी मनाली की सोलंग घाटी में सबसे कठिन हाई-एल्टीट्यूड ट्रेल रनिंग दौड़ सोलंग स्काईअल्ट्रा का शनिवार को आगाज हुआ। 10वें संस्करण की इस स्पर्धा में देश-दुनिया से पहुंचे 300 धावकों की परीक्षा हिमालय की खड़ी चढ़ाई और टूटे रास्ते ले रहे। विभिन्न पेशों से जुड़े धावकों के मनाली में डेरा जमाने से रौनक बढ़ गई है। इस दौड़ में चार अलग-अलग और बेहद चुनौतीपूर्ण श्रेणियां हैं, जो हर स्तर के धावक को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देती हैं। इनमें बड़ी चुनाैती 14 किमी की माउंट पतालसू तक की दौड़ के अलावा 30 किमी, 60 किमी और सबसे कठिन 100 किमी की दौड़ शामिल है। 100 किमी की मुख्य श्रेणी में धावकों को लगभग 24,114 फीट से अधिक की कुल चढ़ाई करनी पड़ती है, जो इसे शारीरिक और मानसिक रूप से देश की सबसे कठिन दौड़ों में से एक बनाती है।
स्पर्धा में भाग लेने आए न्यूरो सर्जन डॉ. आयुष गुप्ता ने बताया कि वह स्पर्धा को लेकर उत्साहित हैं। सोलंग स्काईअल्ट्रा एक खेल आयोजन से कहीं बढ़कर है। इससे यहां के पर्यटन कारोबार में इजाफा हुआ है। पिछले दस साल से इसका आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष एक अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ेगा। ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण आयोजकों को सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मूल दौड़ मार्ग में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने पड़े हैं। अल्ट्रा दौड़ के निदेशक विश्वास सिंधु ने कहा कि सोलंग स्काईअल्ट्रा के 10वें संस्करण तक पहुंचना सपने के सच होने जैसा है। यह सोलंग के लोगों और स्थानीय प्रशासन के समर्थन के बिना असंभव था।
रैली ऑफ हिमालय के तीसरे दिन प्रीणी से हामटा के लिए विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। कोठी से मढ़ी के मध्य हुई कार कैटेगिरी में शशांक जमवाल, आर्यक राणा और अर्णव राणा बढ़त बनाए हुए हैं। रविवार को रैली का समापन होगा। हामटा के लिए हुई रैली का डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में कड़ी स्पर्धा देखने को मिल रही है। सभी प्रतिभागी काफी अनुभवी हैं और एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। पिछले दिनों हुई बारिश और बर्फबारी के कारण सड़कों की हालत खराब है। जिस कारण सभी प्रतिभागी सावधानी से समय का ध्यान रखते हुए रैली के प्रथम चरण को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।