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Kullu News: अपने पार्षदों को छोड़ कांग्रेस के समर्थन से जीती सत्ता
Mon, 06 Jan 2025 10:02 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 06 Jan 2025 10:02 PM IST
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पंचायत चुनाव में पांच पार्षद जीतने वाली भाजपा ने गंवाया उपाध्यक्ष पद
कम समय में मनाली का विकास होगा बड़ी चुनौती
संजय भारद्वाज
मनाली (कुल्लू)। नगर परिषद मनाली में लगभग चार महीने से चल रहे सियासी ड्रामे का क्लाईमैक्स आखिर हो गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के शपथ लेने के बाद मनाली के रुके विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। चार महीने चले सियासी ड्रामे में जीतकर भी भाजपा राजनीतिक नुकसान में है।
पंचायती राज चुनाव में पांच पार्षद जीतने के बाद बहुमत में आई भाजपा को उपाध्यक्ष का पद गंवाना पड़ा। भाजपा समर्थित तीन पार्षदों ने एक कांग्रेस समर्थित पार्षद के साथ मिलकर यह सियासी खेल खेला। इसमें कांग्रेस समर्थित पार्षद उपाध्यक्ष हासिल करने में कामयाब हो गईं। नगर परिषद का गठन एक तरह से कांग्रेस और भाजपा के आपसी गठबंधन से हुआ। गौरतलब है की नगर परिषद मनाली का अध्यक्ष चमन कपूर और उपाध्यक्ष मनोज को मनाया गया था, लेकिन आपसी मतभेद के कारण भाजपा पार्षद एकजुट नहीं रह पाए। यहां आम चर्चा है कि अकसर अलहदा राहों पर चलने वाले कांग्रेस और भाजपा नगर परिषद मनाली में एक हो गए। भले ही इस पूरे मामले को गैर राजनीतिक रंग देने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहरी भाजपा के अध्यक्ष अजय अबरोल ने कहा कि मनाली की भलाई के लिए यह जरूरी था। मनाली की भलाई के लिए राजनीति हुई है। इसमें गठबंधन का कोई औचित्य नहीं है। नगर परिषद में जो राजनीति हुई उसमें कांग्रेस और भाजपा का कोई लेना-देना नहीं था। नगर परिषद का अध्यक्ष बदलने की आवाज लोगों ने उठाई थी। यह कार्य ढाई साल पहले होना चाहिए था। संवाद
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कम समय में मनाली का विकास होगा बड़ी चुनौती
संजय भारद्वाज
मनाली (कुल्लू)। नगर परिषद मनाली में लगभग चार महीने से चल रहे सियासी ड्रामे का क्लाईमैक्स आखिर हो गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के शपथ लेने के बाद मनाली के रुके विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। चार महीने चले सियासी ड्रामे में जीतकर भी भाजपा राजनीतिक नुकसान में है।
पंचायती राज चुनाव में पांच पार्षद जीतने के बाद बहुमत में आई भाजपा को उपाध्यक्ष का पद गंवाना पड़ा। भाजपा समर्थित तीन पार्षदों ने एक कांग्रेस समर्थित पार्षद के साथ मिलकर यह सियासी खेल खेला। इसमें कांग्रेस समर्थित पार्षद उपाध्यक्ष हासिल करने में कामयाब हो गईं। नगर परिषद का गठन एक तरह से कांग्रेस और भाजपा के आपसी गठबंधन से हुआ। गौरतलब है की नगर परिषद मनाली का अध्यक्ष चमन कपूर और उपाध्यक्ष मनोज को मनाया गया था, लेकिन आपसी मतभेद के कारण भाजपा पार्षद एकजुट नहीं रह पाए। यहां आम चर्चा है कि अकसर अलहदा राहों पर चलने वाले कांग्रेस और भाजपा नगर परिषद मनाली में एक हो गए। भले ही इस पूरे मामले को गैर राजनीतिक रंग देने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहरी भाजपा के अध्यक्ष अजय अबरोल ने कहा कि मनाली की भलाई के लिए यह जरूरी था। मनाली की भलाई के लिए राजनीति हुई है। इसमें गठबंधन का कोई औचित्य नहीं है। नगर परिषद में जो राजनीति हुई उसमें कांग्रेस और भाजपा का कोई लेना-देना नहीं था। नगर परिषद का अध्यक्ष बदलने की आवाज लोगों ने उठाई थी। यह कार्य ढाई साल पहले होना चाहिए था। संवाद
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