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Kullu News: विंटर कार्निवल, कुल्लू-मंडी से बाहर नहीं होंगे ऑडिशन
Mon, 12 Jan 2026 10:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 12 Jan 2026 10:18 PM IST
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अब राष्ट्र स्तरीय विंटर कार्निवल का गिरता जा रहा स्तर
नहीं दिख रहा प्रचार-प्रसार, आयोजन की तिथि पर भी सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। अस्सी के दशक से मनाया जा रहे मनाली का विंटर कार्निवल में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। कार्निवल को दर्जा तो राष्ट्रीय स्तर का मिला है लेकिन उत्सव का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।
इसका मुख्य आकर्षण विंटर क्वीन और वायस ऑफ कार्निवल के लिए होने वाले ऑडिशन इस बार कुल्लू-मंडी तक सिमटकर रह गए हैं। प्रचार-प्रसार कहीं दिख नहीं रहा है। उत्सव की तिथि पर भी सवाल खड़े हुए हैं। देव समाज ने कार्निवल का आयोजन 15 जनवरी से पहले करने की मांग की थी।
कार्निवल का मुख्य आकर्षण विंटर क्वीन प्रतियोगिता रही। प्रतिभागियों के चयन के लिए कुल्लू मनाली के अलावा शिमला और चंडीगढ़ में ऑडिशन करवाया जाता था लेकिन इस साल कार्निवल कमेटी ने केवल कुल्लू, मनाली और मंडी में ही ऑडिशन लेने का फैसला लिया है। विंटर क्वीन और वाइस ऑफ कार्निवल प्रतियोगिता के लिए प्रचार-प्रसार अभियान भी चलाया जाता था लेकिन इस साल अभी तक ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। कार्निवल के लिए हिमाचल के अलावा मुंबई, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू से प्रतिभागी भाग लेने आते थे। इस साल आने वाले सांस्कृतिक दलों की संख्या पर भी सबकी नजरें हैं। अब लगता है कि राष्ट्रीय स्तरीय कार्निवल केबल कुल्लू और मंडी तक ही सिमटकर रह गया है। कार्निवल का मुख्य उद्देश्य मनाली में पर्यटन को बढ़ावा देना है।
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कार्निवल कमेटी की बैठकें हो रही हैं लेकिन जनमानस को इसकी जानकारी नहीं है। हिमाचल प्रदेश में विंटर कार्निवल की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी। इसके बाद इसे हिमाचल के कई जिलों में बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। एसडीएम एवं कार्निवल कमेटी के उपाध्यक्ष रमण कुमार शर्मा ने कहा कि महाविद्यालयों में इन दिनों छुट्टियां हैं। इस कारण ऑडिशन अन्य शहरों में नहीं करवाए जा रहे हैं।--
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नहीं दिख रहा प्रचार-प्रसार, आयोजन की तिथि पर भी सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। अस्सी के दशक से मनाया जा रहे मनाली का विंटर कार्निवल में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। कार्निवल को दर्जा तो राष्ट्रीय स्तर का मिला है लेकिन उत्सव का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।
इसका मुख्य आकर्षण विंटर क्वीन और वायस ऑफ कार्निवल के लिए होने वाले ऑडिशन इस बार कुल्लू-मंडी तक सिमटकर रह गए हैं। प्रचार-प्रसार कहीं दिख नहीं रहा है। उत्सव की तिथि पर भी सवाल खड़े हुए हैं। देव समाज ने कार्निवल का आयोजन 15 जनवरी से पहले करने की मांग की थी।
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कार्निवल का मुख्य आकर्षण विंटर क्वीन प्रतियोगिता रही। प्रतिभागियों के चयन के लिए कुल्लू मनाली के अलावा शिमला और चंडीगढ़ में ऑडिशन करवाया जाता था लेकिन इस साल कार्निवल कमेटी ने केवल कुल्लू, मनाली और मंडी में ही ऑडिशन लेने का फैसला लिया है। विंटर क्वीन और वाइस ऑफ कार्निवल प्रतियोगिता के लिए प्रचार-प्रसार अभियान भी चलाया जाता था लेकिन इस साल अभी तक ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। कार्निवल के लिए हिमाचल के अलावा मुंबई, कर्नाटक, गुजरात, मध्य प्रदेश और जम्मू से प्रतिभागी भाग लेने आते थे। इस साल आने वाले सांस्कृतिक दलों की संख्या पर भी सबकी नजरें हैं। अब लगता है कि राष्ट्रीय स्तरीय कार्निवल केबल कुल्लू और मंडी तक ही सिमटकर रह गया है। कार्निवल का मुख्य उद्देश्य मनाली में पर्यटन को बढ़ावा देना है।
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कार्निवल कमेटी की बैठकें हो रही हैं लेकिन जनमानस को इसकी जानकारी नहीं है। हिमाचल प्रदेश में विंटर कार्निवल की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी। इसके बाद इसे हिमाचल के कई जिलों में बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है। एसडीएम एवं कार्निवल कमेटी के उपाध्यक्ष रमण कुमार शर्मा ने कहा कि महाविद्यालयों में इन दिनों छुट्टियां हैं। इस कारण ऑडिशन अन्य शहरों में नहीं करवाए जा रहे हैं।