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Kullu News: मौसम खुला, बगीचों के कामकाज में जुटे बागवान
Sat, 11 Jan 2025 09:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 11 Jan 2025 09:14 AM IST
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सेब-प्लम के पेड़ों के तौलिये बनाने के कार्य में व्यस्त
अलग-अलग तरीके से होती है स्पर वैरायटी की प्रूनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। जिले में हाल ही में हुई बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम सुहावना हो गया है। बारिश-बर्फबारी से सेब और प्लम के बगीचों में नमी बनी हुई है। ऐसे में बागवानों ने बगीचों का रुख कर लिया है।
बागवान सेब और प्लम के पौधों के लिए तौलिये बनाने के कार्य में जुट गए हैं।पौधों की प्रूनिंग और तौलियों में खाद डालने का काम भी किया जा रहा है।
बता दें कि जिले में मौसम खुलते ही बागवान प्रूनिंग और पौधों के तौलिये बनाने के कार्य में व्यस्त हो गए हैं। सही तरीके से कांट-छांट करने के लिए विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है। कई बागवानों ने प्रशिक्षित लोगों को इस कार्य में लगाया है। बागवानों का कहना है कि गलत तरीके से काट-छांट करने से पौधे के आकार, वृद्धि, फलोत्पादन और बागवान की आर्थिकी को प्रभावित कर सकता है। बागवान चंदे राम, लालचंद ठाकुर, केहर सिंह, मानचंद, महेश, सूरत राम, अशोक बुधराम आदि ने कहा कि प्रूनिंग के दौरान खास ध्यान देने की आवश्यकता रहती है। वैरायटी के आधार पर ही पौधों की प्रूनिंग करना सही होता है। गलत तरीके से किया प्रूनिंग कार्य फसल के उत्पादन पर असर डाल सकता है। बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो सेब और प्लम की सामान्य किस्मों और स्पर वैरायटी की प्रूनिंग अलग-अलग तरीके से होती है। लिहाजा, बागवानों को इस पर खास ध्यान देना चाहिए। इसके लिए विशेषज्ञों की राय लेना लाजिमी है, ताकि फसल के उत्पादन पर किसी तरह का प्रभाव न पड़े।
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अलग-अलग तरीके से होती है स्पर वैरायटी की प्रूनिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। जिले में हाल ही में हुई बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम सुहावना हो गया है। बारिश-बर्फबारी से सेब और प्लम के बगीचों में नमी बनी हुई है। ऐसे में बागवानों ने बगीचों का रुख कर लिया है।
बागवान सेब और प्लम के पौधों के लिए तौलिये बनाने के कार्य में जुट गए हैं।पौधों की प्रूनिंग और तौलियों में खाद डालने का काम भी किया जा रहा है।
बता दें कि जिले में मौसम खुलते ही बागवान प्रूनिंग और पौधों के तौलिये बनाने के कार्य में व्यस्त हो गए हैं। सही तरीके से कांट-छांट करने के लिए विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है। कई बागवानों ने प्रशिक्षित लोगों को इस कार्य में लगाया है। बागवानों का कहना है कि गलत तरीके से काट-छांट करने से पौधे के आकार, वृद्धि, फलोत्पादन और बागवान की आर्थिकी को प्रभावित कर सकता है। बागवान चंदे राम, लालचंद ठाकुर, केहर सिंह, मानचंद, महेश, सूरत राम, अशोक बुधराम आदि ने कहा कि प्रूनिंग के दौरान खास ध्यान देने की आवश्यकता रहती है। वैरायटी के आधार पर ही पौधों की प्रूनिंग करना सही होता है। गलत तरीके से किया प्रूनिंग कार्य फसल के उत्पादन पर असर डाल सकता है। बागवानी विशेषज्ञों की मानें तो सेब और प्लम की सामान्य किस्मों और स्पर वैरायटी की प्रूनिंग अलग-अलग तरीके से होती है। लिहाजा, बागवानों को इस पर खास ध्यान देना चाहिए। इसके लिए विशेषज्ञों की राय लेना लाजिमी है, ताकि फसल के उत्पादन पर किसी तरह का प्रभाव न पड़े।
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