कुल्लू। रोहतांग दर्रा के बाद अटल टनल रोहतांग सैलानियों के लिए पहली पसंद है। लेकिन बर्फबारी के बाद कुल्लू-मनाली में उमड़ रहे हजारों पर्यटक चार दिनों से अटल टनल रोहतांग व लाहौल घाटी का रुख नहीं कर सके हैं। ऐसे में बुधवार को भी सैलानियों को सोलंगनाला, फातरू, हिडिंबा मंदिर व माल रोड मनाली में सैर सपाटा करना पड़ा। हालांकि बुधवार को सैलानी कोठी व गुलाबा तक भेज गए और बर्फ में खूब मस्ती की। सोलंगनाला में पर्यटकों ने बर्फ में पैराग्लाइडिंग, स्नो स्कूटर, याक सवारी तथा स्कीइंग का भरपूर आनंद लिया। वहीं कुल्लू-मनाली व लाहौल की वादियों में गिरे बर्फ के फाहों से कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। लेकिन सैलानियों को अटल टनल रोहतांग के दर्शन नहीं होने से मायूसी है। वहीं बाह्य सराज के लोगों की मुश्किलें भी कम नहीं हुई हैं।
बुधवार को चौथे दिन भी हाईवे-305 पर निगम के पांच व एक निजी बस रूट पूरी तरह से बंद रहा। लोगों को पांच किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। दर्रा के बंद होने से निगम की दो बसें भी चार दिनों से आनी में फंसी हैं। डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग ने कहा कि अटल टनल रोहतांग और जलोड़ी दर्रा में सफर करना जोखिम भरा है। उन्होंने कहा कि मौसम खुलने के बाद अटल टनल के दोनों छोरों के साथ जलोड़ी दर्रा में हिमस्खलन का खतरा है। ऐसे में सैलानी व आम लोग मौसम को भांपकर ही आवाजाही करें।

लाहौल-स्पीति में बर्फ से ढकी वादियां। फोटो---संवाद।- फोटो : Kullu