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वीरभद्र ने 192 परिवारों का अंधेरा किया दूर
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। कांग्रेस सरकार के शासन के दौरान 2016 में अवैध कब्जे को लेकर हाईकोर्ट ने बिजली कनेक्शन काटने के आदेश दिए थे। इस पर प्रशासन ने घाटी के 192 मकानों के बिजली कनेक्शन काट दिए थे। करीब दो माह तक घाटी के सैकड़ों परिवार के लोगों ने अंधेरे में जीवन गुजर बसर किया।
बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हुई और लोगों को अंधेरे से निजात दिलाने की फरियाद कोई नहीं सुन रहा था। प्रशासन दलील देता रहा कि हाईकोर्ट का आदेश है कि अवैध कब्जों में बने मकानों का बिजली कनेक्शन काट दिया जाए। उन दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह हेलीकॉप्टर से घाटी के दुर्गम क्षेत्र म्याड़ घाटी के दौरे के दौरान तिंगरेट हेलीपैड में उतरे, वहां पहुंचते ही लोगों ने उनसे फरियाद लगाई कि उनके बिजली कनेक्शन बहाल किया जाए। वीरभद्र सिंह ने कोर्ट को चुनौती देते हुए उसी समय बिजली बोर्ड के अधिकारियों को बिजली बहाली के आदेश कर लोगों को बड़ी राहत दी थी। वीरभद्र सिंह के निधन पर लोगों ने शोक प्रकट किया है। लाहौल निवासी प्रेम लाल, चमन लालए नील चंद, रमेश लाल और निर्मल ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से किए गए परोपकारी कार्यों के लिए नहीं भूला सकते हैं। प्रेमलाल ने कहा कि वीरभद्र सिंह जनजातीय क्षेत्र के लोगों के साथ विशेष लगाव रखते थे। मुख्यमंत्री रहते हुए साल में दो से तीन बार लाहौल के लोगों का दुख-दर्द जानने जरूर आते थे।
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बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से प्रभावित हुई और लोगों को अंधेरे से निजात दिलाने की फरियाद कोई नहीं सुन रहा था। प्रशासन दलील देता रहा कि हाईकोर्ट का आदेश है कि अवैध कब्जों में बने मकानों का बिजली कनेक्शन काट दिया जाए। उन दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह हेलीकॉप्टर से घाटी के दुर्गम क्षेत्र म्याड़ घाटी के दौरे के दौरान तिंगरेट हेलीपैड में उतरे, वहां पहुंचते ही लोगों ने उनसे फरियाद लगाई कि उनके बिजली कनेक्शन बहाल किया जाए। वीरभद्र सिंह ने कोर्ट को चुनौती देते हुए उसी समय बिजली बोर्ड के अधिकारियों को बिजली बहाली के आदेश कर लोगों को बड़ी राहत दी थी। वीरभद्र सिंह के निधन पर लोगों ने शोक प्रकट किया है। लाहौल निवासी प्रेम लाल, चमन लालए नील चंद, रमेश लाल और निर्मल ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से किए गए परोपकारी कार्यों के लिए नहीं भूला सकते हैं। प्रेमलाल ने कहा कि वीरभद्र सिंह जनजातीय क्षेत्र के लोगों के साथ विशेष लगाव रखते थे। मुख्यमंत्री रहते हुए साल में दो से तीन बार लाहौल के लोगों का दुख-दर्द जानने जरूर आते थे।
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