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Kullu News: चंद्रभागा नदी के किनारे बसे गांवों को मिलेगा 6.62 करोड़ का सुरक्षा कवच
Wed, 29 Oct 2025 10:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 29 Oct 2025 10:03 PM IST
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पहले चरण में हालिंग, जसरथ और तड़ंग गांव के पास लगेगी गेबिएन वाॅल
जलशक्ति विभाग ने सरकार को भेजी डीपीआर, पहले चरण में की धन की मांग
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जिले में चंद्रभागा नदी के दोनों तरफ बसे गांवों को आपदा से सुरक्षित करने को लेकर जलशक्ति विभाग ने विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया है।
विभाग ने हालांकि इसके लिए 32 गांव चिह्नित किए हैं लेकिन प्राथमिक तौर पर पहले चरण में हालिंग, जसरथ और तडंग गांव को सुरक्षित करने के लिए 6.62 करोड़ के प्रोजेक्ट की डीपीआर सरकार को भेजी है। प्रोजेक्ट के तहत नदी के दोनों तरफ गेबिएन वाॅल (क्रेट वाल की तर्ज पर) लगाई जाएगी। इससे दोनों तरफ की जमीन के साथ गांव भी सुरक्षित होंगे। दरअसल, बीते चार-पांच सालों से आपदा का दंश झेल रहे हालिंग, जसरथ और तड़ंग गांवों के लोगों की जमीन को बचाने के लिए जलशक्ति विभाग ने यह प्रोजेक्ट बनाया है। विभाग ने ग्लोफ के तहत तीन गांवों के किसानों की जमीन और क्षेत्र को बचाने के लिए चंद्रभागा नदी के किनारे गेबिएन वाॅल लगाने के लिए 6.62 करोड़ की डीपीआर स्वीकृति के लिए सरकार को भेजी है। स्वीकृति मिलते ही विभाग ने अगले साल इस पर युद्धस्तर पर काम करने का निर्णय लिया है।
बता दे कि पिछले चार-पांच सालों से जाहलमा नाले में गर्मियों के दिनों लगातार बाढ़ आ रही है। इससे चंद्रभागा नदी का बहाव उफान पर होने से हालिंग, जसरथ और तड़ंग गांवों की जमीन को नुकसान पहुंचा है। लोगों की कई बीघा जमीन नदी में समा गई है। इसे देखते हुए जलशक्ति विभाग चंद्रभागा नदी के तट पर प्रारंभिक दौर में 350 मीटर लंबी और 7.5 मीटर ऊंची गेबिएन वाॅल लगाएगा। विभाग ने कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
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ग्लोफ के तहत गांव और क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए हालांकि 32 गांवों को चिह्नित किया गया है। प्रारंभिक चरण में हालिंग, जसरथ और तड़ंग तीन गांवों के लोगों की जमीन और आसपास के क्षेत्र के बचाव को चंद्रभागा नदी के किनारे गेबिएन वाॅल लगाने को लेकर 6.62 करोड़ की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी है। - अजय गुप्ता, अधिशाषी अभियंता, जलशक्ति विभाग
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जलशक्ति विभाग ने सरकार को भेजी डीपीआर, पहले चरण में की धन की मांग
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जिले में चंद्रभागा नदी के दोनों तरफ बसे गांवों को आपदा से सुरक्षित करने को लेकर जलशक्ति विभाग ने विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार किया है।
विभाग ने हालांकि इसके लिए 32 गांव चिह्नित किए हैं लेकिन प्राथमिक तौर पर पहले चरण में हालिंग, जसरथ और तडंग गांव को सुरक्षित करने के लिए 6.62 करोड़ के प्रोजेक्ट की डीपीआर सरकार को भेजी है। प्रोजेक्ट के तहत नदी के दोनों तरफ गेबिएन वाॅल (क्रेट वाल की तर्ज पर) लगाई जाएगी। इससे दोनों तरफ की जमीन के साथ गांव भी सुरक्षित होंगे। दरअसल, बीते चार-पांच सालों से आपदा का दंश झेल रहे हालिंग, जसरथ और तड़ंग गांवों के लोगों की जमीन को बचाने के लिए जलशक्ति विभाग ने यह प्रोजेक्ट बनाया है। विभाग ने ग्लोफ के तहत तीन गांवों के किसानों की जमीन और क्षेत्र को बचाने के लिए चंद्रभागा नदी के किनारे गेबिएन वाॅल लगाने के लिए 6.62 करोड़ की डीपीआर स्वीकृति के लिए सरकार को भेजी है। स्वीकृति मिलते ही विभाग ने अगले साल इस पर युद्धस्तर पर काम करने का निर्णय लिया है।
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बता दे कि पिछले चार-पांच सालों से जाहलमा नाले में गर्मियों के दिनों लगातार बाढ़ आ रही है। इससे चंद्रभागा नदी का बहाव उफान पर होने से हालिंग, जसरथ और तड़ंग गांवों की जमीन को नुकसान पहुंचा है। लोगों की कई बीघा जमीन नदी में समा गई है। इसे देखते हुए जलशक्ति विभाग चंद्रभागा नदी के तट पर प्रारंभिक दौर में 350 मीटर लंबी और 7.5 मीटर ऊंची गेबिएन वाॅल लगाएगा। विभाग ने कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
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ग्लोफ के तहत गांव और क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए हालांकि 32 गांवों को चिह्नित किया गया है। प्रारंभिक चरण में हालिंग, जसरथ और तड़ंग तीन गांवों के लोगों की जमीन और आसपास के क्षेत्र के बचाव को चंद्रभागा नदी के किनारे गेबिएन वाॅल लगाने को लेकर 6.62 करोड़ की डीपीआर तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी है। - अजय गुप्ता, अधिशाषी अभियंता, जलशक्ति विभाग