{"_id":"60edc10f8ebc3ecba16efa90","slug":"vehicles-will-not-be-able-to-go-from-jispa-to-leh-after-4-pm-kullu-news-sml376712299","type":"story","status":"publish","title_hn":"शाम चार बजे के बाद जिस्पा से लेह नहीं जा सकेंगे वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शाम चार बजे के बाद जिस्पा से लेह नहीं जा सकेंगे वाहन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। भारी बारिश के बाद भूस्खलन और बाढ़ की स्थित को देखते हुए अब 13 जुलाई से जिस्पा से आगे शाम चार बजे के बाद वाहन लेह की तरफ नहीं जा सकेंगे। उपायुक्त नीरज कुमार ने बीआरओ और पुलिस से ग्राउंड रिपोर्ट लेने के बाद यह व्यवस्था लागू कर दी है।
जिंगजिंगबार तथा भरतपुर समेत कई जगहों पर नालों में जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की घटनाएं होने के कारण मनाली-लेह एनएच-तीन पर जिस्पा से आगे वाहनों को नहीं भेजा जाएगा। बारालाचा से आगे सड़क की दशा को लेकर पर्यटकों की शिकायतों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बीआरओ के अधिकारियों से बैठक के बाद यह फैसला लिया है। बताया कि जब तक बीआरओ सड़क को बहाल नहीं करता तब तक वाहनों को शाम चार बजे के बाद लेह के लिए नहीं रवाना किया जाएगा। कोविड नियमों में ढील देने के बाद मनाली-लेह हाईवे पर सैलानियों की आवाजाही बढ़ गई है। रोजाना करीब ढाई से तीन हजार वाहन लेह की तरफ निकल रहे हैं। लेह की तरफ सैलानियों की आवाजाही बढ़ने से लाहौल के जिस्पा, गेमुर समेत तोद वैली में पर्यटकों का जमावड़ा बढ़ गया है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने बताया कि बीआरओ से बैठक के दौरान जानकारी प्राप्त हुई है कि सड़क की हालत को पूरी तरह से सुधारने में करीब एक महीने का समय लगेगा। पुलिस अधीक्षक मानव वर्मा भी इस मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जरूरी होने पर लेह की तरफ प्रतिबंधित समय के दौरान फोर बाई फोर की क्षमता वाले वाहन ही आवाजाही कर सकते हैं। इसके अलावा बाइक राइडर्स तो इस स्थिति में लेह की तरफ जाने से गुरेज ही करें। इस समय मानसून भी आरंभ हो चुका है। ऐसे में लाहौल-स्पीति का रुख करने वाले एहतियात का पूरा ध्यान रखें, जिससे उन्हें बिना वजह परेशानी का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि लेह प्रशासन को भी इस संबंध में अवगत करवा दिया है।
विज्ञापन
जिंगजिंगबार तथा भरतपुर समेत कई जगहों पर नालों में जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की घटनाएं होने के कारण मनाली-लेह एनएच-तीन पर जिस्पा से आगे वाहनों को नहीं भेजा जाएगा। बारालाचा से आगे सड़क की दशा को लेकर पर्यटकों की शिकायतों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बीआरओ के अधिकारियों से बैठक के बाद यह फैसला लिया है। बताया कि जब तक बीआरओ सड़क को बहाल नहीं करता तब तक वाहनों को शाम चार बजे के बाद लेह के लिए नहीं रवाना किया जाएगा। कोविड नियमों में ढील देने के बाद मनाली-लेह हाईवे पर सैलानियों की आवाजाही बढ़ गई है। रोजाना करीब ढाई से तीन हजार वाहन लेह की तरफ निकल रहे हैं। लेह की तरफ सैलानियों की आवाजाही बढ़ने से लाहौल के जिस्पा, गेमुर समेत तोद वैली में पर्यटकों का जमावड़ा बढ़ गया है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने बताया कि बीआरओ से बैठक के दौरान जानकारी प्राप्त हुई है कि सड़क की हालत को पूरी तरह से सुधारने में करीब एक महीने का समय लगेगा। पुलिस अधीक्षक मानव वर्मा भी इस मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि जरूरी होने पर लेह की तरफ प्रतिबंधित समय के दौरान फोर बाई फोर की क्षमता वाले वाहन ही आवाजाही कर सकते हैं। इसके अलावा बाइक राइडर्स तो इस स्थिति में लेह की तरफ जाने से गुरेज ही करें। इस समय मानसून भी आरंभ हो चुका है। ऐसे में लाहौल-स्पीति का रुख करने वाले एहतियात का पूरा ध्यान रखें, जिससे उन्हें बिना वजह परेशानी का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने कहा कि लेह प्रशासन को भी इस संबंध में अवगत करवा दिया है।
विज्ञापन