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कुल्लू अस्पताल में नहीं हो रहे अल्ट्रासाउंड
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चार माह बाद भी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इससे कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिले के किलाड़ क्षेत्र के मरीज परेशान हो रहे हैं।
अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मरीज मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इससे निजी अस्पतालों की लॉटरी लग गई है। यहां पर मरीजों से अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 1500 से 1600 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग मरीजों की सुविधा पर ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन है, लेकिन यह ताले के अंदर धूल फांक रही है। मरीज, सुरेश कुमार, तोता राम, भीमसेन, आशा देवी, तारा देवी ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से भारी परेशानी हो रही है। प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग के सुस्त रवैये का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। कुल्लू अस्पताल में रोजाना मरीजों की ओपीडी 500 से 600 के बीच रहती है। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आए मरीजों की संख्या एक दिन में 70 से 80 के आसपास होती है। इसमें रेडियोलॉजिस्ट एक दिन में 30 से 40 मरीजों के अल्ट्रासाउंड करता है, जबकि अन्य को अगली तिथि दी जाती थी, लेकिन अब मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया है। जल्द ही नियुक्ति होने की उम्मीद है।
गर्भवती महिलाओं को अधिक परेशानी
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। पहले ही अस्पताल की ओर से अल्ट्रासाउंड की लंबी-लंबी तिथियां दी जाती थीं। अब सुविधा न मिलने से गर्भवती महिलाओं को उपचार संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस ओर सरकार व विभाग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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कुल्लू। चार जिलों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चार माह बाद भी रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इससे कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिले के किलाड़ क्षेत्र के मरीज परेशान हो रहे हैं।
अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए मरीज मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। इससे निजी अस्पतालों की लॉटरी लग गई है। यहां पर मरीजों से अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए 1500 से 1600 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग मरीजों की सुविधा पर ध्यान नहीं दे रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन है, लेकिन यह ताले के अंदर धूल फांक रही है। मरीज, सुरेश कुमार, तोता राम, भीमसेन, आशा देवी, तारा देवी ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से भारी परेशानी हो रही है। प्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग के सुस्त रवैये का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। कुल्लू अस्पताल में रोजाना मरीजों की ओपीडी 500 से 600 के बीच रहती है। अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए आए मरीजों की संख्या एक दिन में 70 से 80 के आसपास होती है। इसमें रेडियोलॉजिस्ट एक दिन में 30 से 40 मरीजों के अल्ट्रासाउंड करता है, जबकि अन्य को अगली तिथि दी जाती थी, लेकिन अब मरीज स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया है। जल्द ही नियुक्ति होने की उम्मीद है।
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गर्भवती महिलाओं को अधिक परेशानी
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट न होने से सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। पहले ही अस्पताल की ओर से अल्ट्रासाउंड की लंबी-लंबी तिथियां दी जाती थीं। अब सुविधा न मिलने से गर्भवती महिलाओं को उपचार संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस ओर सरकार व विभाग ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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