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14 करोड़ से बनेंगे दो कौशल विकास केंद्र : मारकंडा
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए लाहौल-स्पीति में 14 करोड़ की लागत से दो कौशल विकास केंद्र खुलेंगे। इसके माध्यम से फूड प्रोसेसिंग और होम स्टे के लिए युवाओं और महिलाओं को तकनीकी तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। महिलाओं व युवाओं को सशक्त करने के लिए व्यंजन बनाने की प्रशिक्षण और हॉस्पिटेलिटी की ट्रेनिंग दी जाएगी। तांदी डाइट को तकनीकी शिक्षा के हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
तांदी डाइट में बहुतकनीकी कॉलेज, आईटीआई जैसी संस्थाएं खोली जाएंगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने शुक्रवार को तांदी डाइट में किसानों को संबोधित करते हुए यह बात कही। लाहौल घाटी के दौरे के दौरान किसानों को साइकिल हल वितरित किए गए। कहा कि जनजातीय उपयोजना से एक करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से घाटी के हर किसान को एक-एक साइकिल हल वितरण किया जा रहा है। कृषि में आधुनिक उपकरणों को बढ़ावा देने के लिए घाटी के किसानों को पवार टिलर, स्प्रिंकलर, ग्रास कट्टर व निराई मशीन उपलब्ध करवाई जा रही है। कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से हर किसान तक साइकिल हल घर-द्वार तक पहुंचाया जाएगा। मारकंडा ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान किसानों को कृषि उपकरण पर सब्सिडी के लिए एक हेक्टेयर भूमि की शर्त रखी गई थी, जिस कारण घाटी के कई किसान सब्सिडी स्कीमों से वंचित रह गए। भाजपा सरकार में कृषि मंत्री बनने पर इस कानून को निरस्त कर गरीब और कम भूमि वाले किसानों को भी फिर से अनुदान की स्कीमों में शामिल किया गया है।
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तांदी डाइट में बहुतकनीकी कॉलेज, आईटीआई जैसी संस्थाएं खोली जाएंगी। तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने शुक्रवार को तांदी डाइट में किसानों को संबोधित करते हुए यह बात कही। लाहौल घाटी के दौरे के दौरान किसानों को साइकिल हल वितरित किए गए। कहा कि जनजातीय उपयोजना से एक करोड़ 28 लाख रुपये की लागत से घाटी के हर किसान को एक-एक साइकिल हल वितरण किया जा रहा है। कृषि में आधुनिक उपकरणों को बढ़ावा देने के लिए घाटी के किसानों को पवार टिलर, स्प्रिंकलर, ग्रास कट्टर व निराई मशीन उपलब्ध करवाई जा रही है। कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से हर किसान तक साइकिल हल घर-द्वार तक पहुंचाया जाएगा। मारकंडा ने कहा कि पिछली सरकार के दौरान किसानों को कृषि उपकरण पर सब्सिडी के लिए एक हेक्टेयर भूमि की शर्त रखी गई थी, जिस कारण घाटी के कई किसान सब्सिडी स्कीमों से वंचित रह गए। भाजपा सरकार में कृषि मंत्री बनने पर इस कानून को निरस्त कर गरीब और कम भूमि वाले किसानों को भी फिर से अनुदान की स्कीमों में शामिल किया गया है।
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