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Kullu News: सब स्टेशन सैंज के लिए खतरा बने पेड़
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ग्रामीणों और बिजली बोर्ड ने वन विभाग से पेड़ों को काटने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
लारजी (सैंज)। विद्युत उपमंडल लारजी के सैंज सब स्टेशन के साथ लगते पेड़ खतरा बने हुए हैं। बारिश और अंधड़ के कारण पेड़ों की टहनियां टूटकर सब स्टेशन की संरचना और उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर रही हैं। इससे नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के लोगों को बिजली गुल की समस्या से भी जूझना पड़ता है। विद्युत बोर्ड के साथ ग्रामीण वन विभाग से इन खतरा बने पेड़ों को काटने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में बड़ा नुकसान न हो।
ग्रामीणों और बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल कर्मचारियों को मरम्मत कार्य और बिजली आपूर्ति सुचारु रखने में परेशानी आती है, बल्कि सड़क पर चलने वाले राहगीरों की सुरक्षा को भी खतरा बना रहता है। विद्युत बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार ने बताया कि बोर्ड ने इस समस्या को लेकर वन विभाग को सूचित किया है। खतरा बने पेड़ों को जल्द काटने या उनकी छंटाई करने की आवश्यकता है, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उधर, वन विभाग के वन परिक्षेत्राधिकारी लेलीन शर्मा ने कहा कि पेड़ों की काट-छांट की सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर दी गई हैं। 29 और 30 अगस्त के दिन पेड़ों की काट-छांट कर दी जाएगी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
लारजी (सैंज)। विद्युत उपमंडल लारजी के सैंज सब स्टेशन के साथ लगते पेड़ खतरा बने हुए हैं। बारिश और अंधड़ के कारण पेड़ों की टहनियां टूटकर सब स्टेशन की संरचना और उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर रही हैं। इससे नुकसान हो रहा है। क्षेत्र के लोगों को बिजली गुल की समस्या से भी जूझना पड़ता है। विद्युत बोर्ड के साथ ग्रामीण वन विभाग से इन खतरा बने पेड़ों को काटने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में बड़ा नुकसान न हो।
ग्रामीणों और बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल कर्मचारियों को मरम्मत कार्य और बिजली आपूर्ति सुचारु रखने में परेशानी आती है, बल्कि सड़क पर चलने वाले राहगीरों की सुरक्षा को भी खतरा बना रहता है। विद्युत बोर्ड के कनिष्ठ अभियंता पवन कुमार ने बताया कि बोर्ड ने इस समस्या को लेकर वन विभाग को सूचित किया है। खतरा बने पेड़ों को जल्द काटने या उनकी छंटाई करने की आवश्यकता है, ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उधर, वन विभाग के वन परिक्षेत्राधिकारी लेलीन शर्मा ने कहा कि पेड़ों की काट-छांट की सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर दी गई हैं। 29 और 30 अगस्त के दिन पेड़ों की काट-छांट कर दी जाएगी। संवाद
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