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बादल फटने से सहमे सैलानी
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कुल्लू। बरसात में बारिश कुल्लू जिले के पर्यटन कारोबार पर भी भारी पड़ने लगी है। जिले के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की भीड़ पूरी तरह से छंट गई है। बंजार, मणिकर्ण व मनाली में होटलों की ऑक्यूपेंसी 20 फीसदी से भी नीचे आ गई है। बादल फटने से सैलानी सहम गए हैं। एक सप्ताह में पर्यटक वाहनों की संख्या आधी रह गई है।
जिले में लगातार बारिश से नदी-नालों का जल स्तर बढ़ने तथा बाढ़ आने से एकाएक पर्यटन कारोबार में कमी आई है। अगस्त माह शुरू होते ही ऑक्यूपेंसी में भारी गिरावट आई है। इससे होटल समेत पर्यटन कारोबारियों की चिंता फिर से सताने लगी है। पर्यटन कारोबारी सुरजीत सिंह, राजेश कुमार, परस राम, रोहित ने कहा कि होटलों व होम स्टे में सैलानियों की संख्या में कमी आई है। ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं आ रही है। पर्यटन नगरी मनाली में 31 जुलाई तक रोज 400 से 500 पर्यटक वाहन पहुंच रहे थे, जो अब घटकर मात्र 200 से 230 हो गई है। यही हाल पार्वती घाटी मणिकर्ण, कसोल, तीर्थन व जिभी घाटी में भी देखने को मिल रहा है। अटल टनल रोहतांग के साथ रोहतांग दर्रा, जलोड़ी दर्रा, सोलंगनाला तथा मनाली-लेह मार्ग में भी रौनक कम हो गई है। पर्यटन कारोबारी घाटी में पर्यटकों की संख्या में आई भारी कमी के लिए बरसात को वजह मान रहे हैं। उधर, होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि अगस्त माह से पर्यटन कारोबार बहुत कम हो गया है। उन्होंने कहा कि बरसात के चलते सैलानी कुल्लू-मनाली नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनाली में होटलों की ऑक्यूपेंसी 20 प्रतिशत से भी नीचे आ गई है। कई होटल खाली भी चल रहे हैं।
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जिले में लगातार बारिश से नदी-नालों का जल स्तर बढ़ने तथा बाढ़ आने से एकाएक पर्यटन कारोबार में कमी आई है। अगस्त माह शुरू होते ही ऑक्यूपेंसी में भारी गिरावट आई है। इससे होटल समेत पर्यटन कारोबारियों की चिंता फिर से सताने लगी है। पर्यटन कारोबारी सुरजीत सिंह, राजेश कुमार, परस राम, रोहित ने कहा कि होटलों व होम स्टे में सैलानियों की संख्या में कमी आई है। ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं आ रही है। पर्यटन नगरी मनाली में 31 जुलाई तक रोज 400 से 500 पर्यटक वाहन पहुंच रहे थे, जो अब घटकर मात्र 200 से 230 हो गई है। यही हाल पार्वती घाटी मणिकर्ण, कसोल, तीर्थन व जिभी घाटी में भी देखने को मिल रहा है। अटल टनल रोहतांग के साथ रोहतांग दर्रा, जलोड़ी दर्रा, सोलंगनाला तथा मनाली-लेह मार्ग में भी रौनक कम हो गई है। पर्यटन कारोबारी घाटी में पर्यटकों की संख्या में आई भारी कमी के लिए बरसात को वजह मान रहे हैं। उधर, होटल एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अनूप राम ठाकुर ने कहा कि अगस्त माह से पर्यटन कारोबार बहुत कम हो गया है। उन्होंने कहा कि बरसात के चलते सैलानी कुल्लू-मनाली नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मनाली में होटलों की ऑक्यूपेंसी 20 प्रतिशत से भी नीचे आ गई है। कई होटल खाली भी चल रहे हैं।
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