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नवंबर के सर्द मौसम में भी लाहौल का रुख कर रहे है सैलानी
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। अटल टनल खुलने के बाद लाहौल घाटी में पहली बार नवंबर महीने में भी सैलानियों की आवाजाही जारी है। इससे स्थानीय लोगों को कृषि और बागवानी के अलावा पर्यटन से रोजगार का अतिरिक्त विकल्प मिल गया है। प्रशासन ने लेह की तरफ अंतिम गांव दारचा तक पर्यटकों के लिए खोल दिया है।
हालांकि इससे आगे सैलानियों की आवाजाही रोक दी गई है। अटल टनल रोहतांग होकर पर्यटक कोकसर, सिस्सू, तांदी संगम, केलांग, त्रिलोकनाथ, उदयपुर, जिस्पा और दारचा पहुंच रहे हैं। घाटी में पर्याप्त होटल और गेस्ट हाउस नहीं होने से सैलानी घूमकर फिर मनाली लौट रहे हैं।
सिस्सू, गुफा होटल और कोकसर में पर्यटन से स्थानीय लोगों को ऑफ सीजन में भी पैसे कमाने का मौका मिल रहा है। कोविड की बंदिशों के कारण पिछले दो साल विंटर सीजन में केवल सिस्सू तक ही पहुंच पाए लेकिन इस बार पूरी घाटी पर्यटकों के लिए खुला है। अटल टनल बनने से पहले नवंबर महीने से घाटी में सन्नाटा पसर जाता था। स्थानीय लोग भी कुल्लू मनाली की तरफ पलायन कर जाते थे लेकिन अब सर्दी के मौसम में सैलानी यहां पहुंच रहे है। तांदीपुल, शेल्तू, सिस्सू, कोकसर, केलांग, उदयपुर और त्रिलोकनाथ में अभी भी ढाबे खुले हुए हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े रमेश, अनिल, हरीश और अमर ने कहा कि फिलहाल अधिकतर पर्यटक कोकसर, गुफा होटल और सिस्सू तक पहुंच रहे है। जबकि कुछ तांदीपुल, केलांग, जिस्पा और उदयपुर का रुख कर रहे हैं। उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने कहा कि मौसम के रुख को देखकर ही पर्यटकों को अटल टनल होकर लाहौल आने की अनुमति दी जा रही है।
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हालांकि इससे आगे सैलानियों की आवाजाही रोक दी गई है। अटल टनल रोहतांग होकर पर्यटक कोकसर, सिस्सू, तांदी संगम, केलांग, त्रिलोकनाथ, उदयपुर, जिस्पा और दारचा पहुंच रहे हैं। घाटी में पर्याप्त होटल और गेस्ट हाउस नहीं होने से सैलानी घूमकर फिर मनाली लौट रहे हैं।
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सिस्सू, गुफा होटल और कोकसर में पर्यटन से स्थानीय लोगों को ऑफ सीजन में भी पैसे कमाने का मौका मिल रहा है। कोविड की बंदिशों के कारण पिछले दो साल विंटर सीजन में केवल सिस्सू तक ही पहुंच पाए लेकिन इस बार पूरी घाटी पर्यटकों के लिए खुला है। अटल टनल बनने से पहले नवंबर महीने से घाटी में सन्नाटा पसर जाता था। स्थानीय लोग भी कुल्लू मनाली की तरफ पलायन कर जाते थे लेकिन अब सर्दी के मौसम में सैलानी यहां पहुंच रहे है। तांदीपुल, शेल्तू, सिस्सू, कोकसर, केलांग, उदयपुर और त्रिलोकनाथ में अभी भी ढाबे खुले हुए हैं। पर्यटन कारोबार से जुड़े रमेश, अनिल, हरीश और अमर ने कहा कि फिलहाल अधिकतर पर्यटक कोकसर, गुफा होटल और सिस्सू तक पहुंच रहे है। जबकि कुछ तांदीपुल, केलांग, जिस्पा और उदयपुर का रुख कर रहे हैं। उपायुक्त लाहौल-स्पीति नीरज कुमार ने कहा कि मौसम के रुख को देखकर ही पर्यटकों को अटल टनल होकर लाहौल आने की अनुमति दी जा रही है।
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