मनाली (कुल्लू)। पर्यटकों की पंसदीदा मनाली में जुलाई का आखिरी सप्ताह शुरू होने के बाद पर्यटन सीजन निपट गया है। अब मनाली के होटलों में नाममात्र के सैलानी आ रहे हैं। बरसात के जोर पकड़ने के बाद मनाली के होटलों में ऑक्यूपेंसी महज 10 फीसदी रह गई है। आलम यह है कि अब कई होटलियरों ने स्टाफ कम दिया है। कुछ होटलियरों ने अपने स्टाफ को छुट्टी पर भेज दिया है।
कोरोना के चलते लगातार दूसरे साल मनाली के पर्यटन कारोबार को झटका लगा है। मनाली में जब पर्यटन सीजन चरम पर था तो सोशल मीडिया पर मनाली के माल रोड की भीड़ के फोटो काफी वायरल हो गए। कोरोना से जोड़कर इसे देखा तो कई पर्यटकों ने मनाली आने का कार्यक्रम भी रद्द किया। धर्मशाला में बाढ़ से हुई तबाही ने भी पर्यटकों के कदम रोके। होटलियर, टैक्सी चालक, वोल्वो बस संचालक, दुकानदारों को इस बार काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मनाली के होटलियर विश्न ठाकुर, मान चंद ठाकुर, प्रेम ठाकुर ने कहा कि स्टाफ को छुट्टी पर भेजा जा रहा है। बरसात के चलते और पर्यटकों के साथ हुए हादसों के बाद पर्यटकों की आवाजाही एकदम रुक गई है। उधर, इस संबंध में मनाली होटलियर एसोसिएशन के प्रधान अनूप राम ठाकुर ने कहा कि मनाली का पर्यटन सीजन पिछले वर्ष और इस साल अपने सबसे निम्न स्तर पर है। मनाली का पर्यटन कारोबार इस समय सबसे अधिक बुरे दौर में है। सीजन में मात्र 10 दिनों तक ही मनाली का पर्यटन सीजन चला था। कोरोना के बीच मनाली के पर्यटन कारोबारियों को इस सीजन में भी निराशा हाथ लगी है।