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Kullu News: सकीर्ण यात्रा पर आज निकलेंगे देवता शृंगा ऋषि
Mon, 12 May 2025 10:12 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 12 May 2025 10:12 PM IST
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11,000 फीट की ऊंचाई पर होगा परंपरा का निर्वहन
देवता के रथ के साथ सैकड़ों हारियान यात्रा में जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार में देवता शृंगा ऋषि के सम्मान में जिला स्तरीय मेला मनाया जाएगा। इस मेले से दो दिन पहले 13 मई को देवता सैकड़ों हारियानों और कारकूनों के साथ सकीर्ण यात्रा पर निकलेंगे।
देवता 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तपोस्थली सकीर्ण में देव परंपरा का निर्वहन करेंगे। हारियान और कारकून भी पूरी रात भजन-कीर्तन कर देवता शृंगा ऋषि का गुणगान करेंगे।
जिला स्तरीय बंजार मेले के शुभारंभ से पहले देवता शृंगा ऋषि हर साल ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों की ध्वनि के बीच अपने मंदिर बागी से सकीर्ण यात्रा पर हर साल जाते हैं। इस साल भी इस परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। देवता के साथ सैकड़ों की संख्या में हारियान, कारकून और श्रद्धालु जाएंगे। देवता शृंगा ऋषि के पुजारी चानण सिंह शर्मा, हरी सिंह शर्मा, इंद्रदेव शर्मा, हेमराज शर्मा और जितेंद्र शर्मा ने बताया कि इस साल देवता का रथ 13 मई को बागी मंदिर से सकीर्ण यात्रा पर निकलेगा। देवता 14 मई को वापस कोठी चैहणी लौटेगा। उधर से देवता 15 मई को जिला स्तरीय बंजार मेले के लिए निकलेंगे।
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शिशुओं का मुंडन करने की मान्यता
उपमंडल स्थित तपोस्थली सकीर्ण में लोग शिशुओं का मुंडन संस्कार भी देवता शृंगा ऋषि की यात्रा के दौरान करते हैं। मान्यता है कि घाटी के जो बच्चे, बड़े और बुजुर्ग घर, जिला, राज्य और देश से बाहर रहते हैं, उन्हें भी इस यात्रा के लिए वापस घर आना पड़ता है।
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देवता के रथ के साथ सैकड़ों हारियान यात्रा में जाएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार में देवता शृंगा ऋषि के सम्मान में जिला स्तरीय मेला मनाया जाएगा। इस मेले से दो दिन पहले 13 मई को देवता सैकड़ों हारियानों और कारकूनों के साथ सकीर्ण यात्रा पर निकलेंगे।
देवता 11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तपोस्थली सकीर्ण में देव परंपरा का निर्वहन करेंगे। हारियान और कारकून भी पूरी रात भजन-कीर्तन कर देवता शृंगा ऋषि का गुणगान करेंगे।
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जिला स्तरीय बंजार मेले के शुभारंभ से पहले देवता शृंगा ऋषि हर साल ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों की ध्वनि के बीच अपने मंदिर बागी से सकीर्ण यात्रा पर हर साल जाते हैं। इस साल भी इस परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। देवता के साथ सैकड़ों की संख्या में हारियान, कारकून और श्रद्धालु जाएंगे। देवता शृंगा ऋषि के पुजारी चानण सिंह शर्मा, हरी सिंह शर्मा, इंद्रदेव शर्मा, हेमराज शर्मा और जितेंद्र शर्मा ने बताया कि इस साल देवता का रथ 13 मई को बागी मंदिर से सकीर्ण यात्रा पर निकलेगा। देवता 14 मई को वापस कोठी चैहणी लौटेगा। उधर से देवता 15 मई को जिला स्तरीय बंजार मेले के लिए निकलेंगे।
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शिशुओं का मुंडन करने की मान्यता
उपमंडल स्थित तपोस्थली सकीर्ण में लोग शिशुओं का मुंडन संस्कार भी देवता शृंगा ऋषि की यात्रा के दौरान करते हैं। मान्यता है कि घाटी के जो बच्चे, बड़े और बुजुर्ग घर, जिला, राज्य और देश से बाहर रहते हैं, उन्हें भी इस यात्रा के लिए वापस घर आना पड़ता है।