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Kullu News: भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध लिया सुरक्षा का वादा
Sat, 09 Aug 2025 10:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 09 Aug 2025 10:29 PM IST
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कुल्लू में हर्षोल्लास से मनाया रक्षाबंधन पर्व, बस अड्डों में रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित रक्षा बंधन का उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षा बंधन की परंपरा को निभाया।
भाइयों ने भी बहनों की रक्षा करने का वादा किया। रक्षा बंधन के लिए महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर बहनें सुबह ही भाई के घर (मायके) पहुंच गईं। बहन ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर कलाई पर राखी बांधी।
जिले के मुख्य बाजारों और बस अड्डों पर राखी के दिन शनिवार को पूरा दिन भीड़ देखने को मिली। महिलाएं राखी और मिठाई की खरीदारी में व्यस्त रहीं। सीमा, शकुंतला, रागिनी, मोनिका, सोनिया, रंजना, गोमती, अंजलि, सोनम, अदिति, सोनिका, चंद्रा, वंदना, आरती, वैभवी, शांभवी, तमन्ना, कल्पना, निक्की, रोहिणी ने कहा कि रक्षाबंधन बहन-भाई बहन के रिश्ते के लिए समर्पित है। बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर फर्ज अदा करती हैं। भाई भी बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इस दिन का पूरा साल इंतजार रहता है। इस बार भाई के घर पहुंचने तक कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है लेकिन परंपरा को निभाया गया है।
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जिले में देवी-देवताओं को राखी बांधने का नियम
जिले में देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा का भी बखूबी निर्वहन किया। सबसे पहले सुबह आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। रक्षा बंधन के दिन देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। रक्षा बंधन के दिन देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद उन्हें राखी बांधी गई। उसके बाद रक्षा बंधन की रस्मों को निभाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। भाई-बहन के रिश्ते को समर्पित रक्षा बंधन का उत्सव हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर रक्षा बंधन की परंपरा को निभाया।
भाइयों ने भी बहनों की रक्षा करने का वादा किया। रक्षा बंधन के लिए महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर बहनें सुबह ही भाई के घर (मायके) पहुंच गईं। बहन ने भाई के माथे पर तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर कलाई पर राखी बांधी।
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जिले के मुख्य बाजारों और बस अड्डों पर राखी के दिन शनिवार को पूरा दिन भीड़ देखने को मिली। महिलाएं राखी और मिठाई की खरीदारी में व्यस्त रहीं। सीमा, शकुंतला, रागिनी, मोनिका, सोनिया, रंजना, गोमती, अंजलि, सोनम, अदिति, सोनिका, चंद्रा, वंदना, आरती, वैभवी, शांभवी, तमन्ना, कल्पना, निक्की, रोहिणी ने कहा कि रक्षाबंधन बहन-भाई बहन के रिश्ते के लिए समर्पित है। बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधकर फर्ज अदा करती हैं। भाई भी बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इस दिन का पूरा साल इंतजार रहता है। इस बार भाई के घर पहुंचने तक कई परेशानियों का सामना करना पड़ा है लेकिन परंपरा को निभाया गया है।
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जिले में देवी-देवताओं को राखी बांधने का नियम
जिले में देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा का भी बखूबी निर्वहन किया। सबसे पहले सुबह आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना की गई। रक्षा बंधन के दिन देवी-देवताओं को राखी बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। रक्षा बंधन के दिन देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना के बाद उन्हें राखी बांधी गई। उसके बाद रक्षा बंधन की रस्मों को निभाया।