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Kullu News: वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों के बीच नड़ को मूर्छित कर निभाई पंरपरा
Sat, 03 Oct 2026 10:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 03 Oct 2026 10:55 AM IST
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वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों के बीच नड़ को मूर्छित कर निभाई पंरपरा
खराहल (कुल्लू)। प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बिजली महादेव में तीन वर्ष के बाद शुक्रवार को काहिका उत्सव मनाया गया। इस दौरान वाद्ययंत्रों की स्वरलहरियों के बीच नड़ को देव शक्ति से मूर्छित करने की परंपरा निभाई गई।
इस अनूठे आयोजन के साक्षी दूरदराज से आए सैकड़ों श्रद्धालु, हरियान और पर्यटक बने। इस बीच देवाधिदेव बिजली महादेव के मथान में देवता हुलकी नृत्य के साथ परिक्रमा करते रहे। इसके बाद नड़ को काहिका मंडप से देव वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच मंदिर से करीब आधा किलोमीटर दूर चिह्नित स्थल पर ले जाया गया।
यहां देवता के मुख्य हरियान ने बंदूक से हवाई फायर किया। इसके बाद मुख्य हरियानों ने धनुष पर बाण चढ़ाकर दैवीय शक्ति से तीर दागा। तीर छूटते ही नड़ धड़ाम से जमीन पर गिर पड़ा।
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मूर्छित अवस्था में नड़ को देवलुओं ने सजयोल, नगाड़ों और नरसिंगों की गूंज के बीच हाथों पर उठाकर देवता के प्रांगण में पहुंचाया। यहां नड़ की पत्नी के आग्रह पर उसे जीवित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
कई क्विंटल जौ का आटा भी लोगों पर फेंका
बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जम्वाल ने कहा कि बिजली महादेव मंदिर में काहिका सदियों से हर तीन साल के बाद मनाया जाता है। क्षेत्र में सुख-समृद्धि के लिए यह उत्सव आयोजित किया जाता है। इस दौरान कई क्विंटल जौ का आटा भी लोगों पर फेंका जाता है। मान्यता है कि इससे अनहोनी टल जाती है।
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इस अनूठे आयोजन के साक्षी दूरदराज से आए सैकड़ों श्रद्धालु, हरियान और पर्यटक बने। इस बीच देवाधिदेव बिजली महादेव के मथान में देवता हुलकी नृत्य के साथ परिक्रमा करते रहे। इसके बाद नड़ को काहिका मंडप से देव वाद्ययंत्रों की ध्वनि के बीच मंदिर से करीब आधा किलोमीटर दूर चिह्नित स्थल पर ले जाया गया।
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यहां देवता के मुख्य हरियान ने बंदूक से हवाई फायर किया। इसके बाद मुख्य हरियानों ने धनुष पर बाण चढ़ाकर दैवीय शक्ति से तीर दागा। तीर छूटते ही नड़ धड़ाम से जमीन पर गिर पड़ा।
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मूर्छित अवस्था में नड़ को देवलुओं ने सजयोल, नगाड़ों और नरसिंगों की गूंज के बीच हाथों पर उठाकर देवता के प्रांगण में पहुंचाया। यहां नड़ की पत्नी के आग्रह पर उसे जीवित करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
कई क्विंटल जौ का आटा भी लोगों पर फेंका
बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जम्वाल ने कहा कि बिजली महादेव मंदिर में काहिका सदियों से हर तीन साल के बाद मनाया जाता है। क्षेत्र में सुख-समृद्धि के लिए यह उत्सव आयोजित किया जाता है। इस दौरान कई क्विंटल जौ का आटा भी लोगों पर फेंका जाता है। मान्यता है कि इससे अनहोनी टल जाती है।