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Kullu News: देवता शैला देऊ बागन ने किया शाही स्नान
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नए रथ पर विराजमान होकर ब्यास-पार्वती के संगम स्थल जिया पहुंचे देवता
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लगघाटी के देवता शैला देऊ बागन शनिवार को नए रथ पर विराजमान होकर देवलुओं के साथ भुंतर के जिया स्थित ब्यास-पार्वती नदी के संगम स्थल पहुंचे। यहां देवविधि के साथ देवता ने शाही स्नान किया। करीब पांच साल बाद देवता के जिया संगम स्थल पर पहुंचने और शाही स्नान करने से देव समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला।
शनिवार सुबह देवता के कारकूनों और हारियान क्षेत्र के देवलुओं ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ देव विधि पूरी की। इसके बाद देवता को ब्यास-पार्वती के संगम स्थल पर ले जाया गया, जहां निर्धारित देव परंपराओं के अनुसार शाही स्नान करवाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में देवलू मौजूद रहे और देवता के साथ धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए।
देवता के कारदार प्रेम सिंह ने बताया कि देवता के चांदी के नए मोहरे बनने के बाद देववाणी के माध्यम से शाही स्नान का आदेश हुआ था। इसी देव आदेश के अनुसार शनिवार को देवता को नए रथ पर विराजमान कर जिया संगम स्थल ले जाया गया। यहां देव विधि पूरी करने के बाद शाही स्नान करवाया गया। उन्होंने बताया कि शाही स्नान के बाद देवता वापस अपने देवालय के लिए रवाना हो गए। रविवार को बागन स्थित देवता के मंदिर में देव परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। लगघाटी के देवता शैला देऊ बागन शनिवार को नए रथ पर विराजमान होकर देवलुओं के साथ भुंतर के जिया स्थित ब्यास-पार्वती नदी के संगम स्थल पहुंचे। यहां देवविधि के साथ देवता ने शाही स्नान किया। करीब पांच साल बाद देवता के जिया संगम स्थल पर पहुंचने और शाही स्नान करने से देव समाज में विशेष उत्साह देखने को मिला।
शनिवार सुबह देवता के कारकूनों और हारियान क्षेत्र के देवलुओं ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ देव विधि पूरी की। इसके बाद देवता को ब्यास-पार्वती के संगम स्थल पर ले जाया गया, जहां निर्धारित देव परंपराओं के अनुसार शाही स्नान करवाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में देवलू मौजूद रहे और देवता के साथ धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए।
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देवता के कारदार प्रेम सिंह ने बताया कि देवता के चांदी के नए मोहरे बनने के बाद देववाणी के माध्यम से शाही स्नान का आदेश हुआ था। इसी देव आदेश के अनुसार शनिवार को देवता को नए रथ पर विराजमान कर जिया संगम स्थल ले जाया गया। यहां देव विधि पूरी करने के बाद शाही स्नान करवाया गया। उन्होंने बताया कि शाही स्नान के बाद देवता वापस अपने देवालय के लिए रवाना हो गए। रविवार को बागन स्थित देवता के मंदिर में देव परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। संवाद
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