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Kullu News: ब्यास की लहरों पर बढ़ा राफ्टिंग का रोमांच
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समर सीजन में गतिविधियों में होगा इजाफा
करीब 10,000 युवाओं को मिला है रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अप्रैल का पहला सप्ताह शुरू होने के बाद कुल्लू में पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। पर्यटक जहां लाहौल की वादियों में बर्फ का दीदार कर रहे हैं तो वहीं ब्यास की लहरों पर भी सैलानी राफ्टिंग का लुत्फ उठा रहे हैं। राफ्टिंग प्वाइंट बबेली, बाशिंग और पिरड़ी में सैलानियों का जमावड़ा लग रहा है। बबेली से राफ्ट में बैठने के बाद सैलानी बाशिंग पहुंच रहे हैं। ब्यास की जलधारा में राफ्टिंग का रोमांच पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षिक कर रहा है।
आने वाले दिनों में राफ्टिंग गतिविधियां और जोर पकड़ेंगी। रिवर राफ्टिंग से जिले में करीब 5,000 से 10,000 युवा जुड़े हुए हैं। युवाओं को रिवर राफ्टिंग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला है। कुल्लू की ब्यास नदी को रिवर राफ्टिंग के लिहाज से बेहतर और सुरक्षित माना जाता है। ब्यास नदी का प्रवाह शांत होने के चलते कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटक राफ्टिंग करना नहीं भूलते हैं। खासकर युवा पर्यटकों को लेकर काफी उत्साह रहता है। अप्रैल से लेकर जून तक कुल्लू में पर्यटकों की खूब चहलकदमी रहेगी। ऐसे में साहसिक गतिविधियों से जुड़े ऑपरेटरों को इस बार बेहतर सीजन रहने की उम्मीद है।
इस संबंध में जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुनयना शर्मा ने कहा कि साहसिक गतिविधियों से युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेटरों को नियमों के तहत राफ्टिंग करवाने के लिए कहा गया है।
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करीब 10,000 युवाओं को मिला है रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अप्रैल का पहला सप्ताह शुरू होने के बाद कुल्लू में पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। पर्यटक जहां लाहौल की वादियों में बर्फ का दीदार कर रहे हैं तो वहीं ब्यास की लहरों पर भी सैलानी राफ्टिंग का लुत्फ उठा रहे हैं। राफ्टिंग प्वाइंट बबेली, बाशिंग और पिरड़ी में सैलानियों का जमावड़ा लग रहा है। बबेली से राफ्ट में बैठने के बाद सैलानी बाशिंग पहुंच रहे हैं। ब्यास की जलधारा में राफ्टिंग का रोमांच पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षिक कर रहा है।
आने वाले दिनों में राफ्टिंग गतिविधियां और जोर पकड़ेंगी। रिवर राफ्टिंग से जिले में करीब 5,000 से 10,000 युवा जुड़े हुए हैं। युवाओं को रिवर राफ्टिंग से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला है। कुल्लू की ब्यास नदी को रिवर राफ्टिंग के लिहाज से बेहतर और सुरक्षित माना जाता है। ब्यास नदी का प्रवाह शांत होने के चलते कुल्लू-मनाली आने वाले पर्यटक राफ्टिंग करना नहीं भूलते हैं। खासकर युवा पर्यटकों को लेकर काफी उत्साह रहता है। अप्रैल से लेकर जून तक कुल्लू में पर्यटकों की खूब चहलकदमी रहेगी। ऐसे में साहसिक गतिविधियों से जुड़े ऑपरेटरों को इस बार बेहतर सीजन रहने की उम्मीद है।
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इस संबंध में जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुनयना शर्मा ने कहा कि साहसिक गतिविधियों से युवाओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेटरों को नियमों के तहत राफ्टिंग करवाने के लिए कहा गया है।
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