{"_id":"68e161796fee38bcc201129b","slug":"the-tambola-sold-for-rs-263-crore-is-still-empty-kullu-news-c-89-1-klu1001-158608-2025-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: दो करोड़ 63 लाख में बिका तंबोला अभी खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: दो करोड़ 63 लाख में बिका तंबोला अभी खाली
Sat, 04 Oct 2025 11:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 04 Oct 2025 11:33 PM IST
विज्ञापन
बोलीदाता ने जमा नहीं करवाई 50 फीसदी राशि
दशहरा में तंबोला शुरू न होने से शुरू हुई चर्चाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दशहरा में सजीं दुकानों में ग्राहक उमड़ने लगे हैं। प्रदर्शनी मैदान में लगे तंबोला में तीन दिन से सन्नाटा पसरा है। तीन दिन से तंबोला का एक भी हाउस नहीं हुआ है।
24 सितंबर को तंबोला के एक बोलीदाता ने 2 करोड़ 63 लाख रुपये की बोली लगाई थी। इसके बाद बोली लगाने वाले बोलीदाता को 50 फीसदी राशि एक करोड़ 31 लाख रुपये जमा करवाने थे। आधी राशि जमा न होने से तंबोला शुरू नहीं हो सका। दशहरा उत्सव में तंबोला, प्लॉट आवंटन आदि से दशहरा उत्सव समिति आय अर्जित करती है। इसका कुछ हिस्सा रेडक्रॉस सोसायटी के खाते में आता है। तीन दिन से तंबोला शुरू न होने से रेडक्रॉस और समिति को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। गौर रहे कि दशहरा में तंबोला युवाओं का आकर्षण होता है। तंबोला खेलने वालों की काफी अधिक भीड़ रहती है। तंबोला न शुरू होने को लेकर अब कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर लोगों की इसको लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के बारे में इस बार कहा गया कि यह आपदा से राहत प्रदान करने के लिए समर्पित रहेगा लेकिन देखा जा रहा है कि यहां अव्यवस्था चल रही है।
विज्ञापन
दशहरा समिति को प्लॉट आवंटन से आय प्राप्त होती है। इसमें शर्त यह होती है कि सबसे कम बोलीदाता को अपनी कुल बोली का कम से कम 50 प्रतिशत राशि 24 घंटों के भीतर जमा करनी अनिवार्य होती है। इसमें देरी के चलते तंबोला शुरू नहीं हो पाया। तीन दिन तंबोला शुरू न होने से रेडक्रॉस सोसायटी को नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
दशहरा में तंबोला शुरू न होने से शुरू हुई चर्चाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। दशहरा में सजीं दुकानों में ग्राहक उमड़ने लगे हैं। प्रदर्शनी मैदान में लगे तंबोला में तीन दिन से सन्नाटा पसरा है। तीन दिन से तंबोला का एक भी हाउस नहीं हुआ है।
24 सितंबर को तंबोला के एक बोलीदाता ने 2 करोड़ 63 लाख रुपये की बोली लगाई थी। इसके बाद बोली लगाने वाले बोलीदाता को 50 फीसदी राशि एक करोड़ 31 लाख रुपये जमा करवाने थे। आधी राशि जमा न होने से तंबोला शुरू नहीं हो सका। दशहरा उत्सव में तंबोला, प्लॉट आवंटन आदि से दशहरा उत्सव समिति आय अर्जित करती है। इसका कुछ हिस्सा रेडक्रॉस सोसायटी के खाते में आता है। तीन दिन से तंबोला शुरू न होने से रेडक्रॉस और समिति को भी घाटा उठाना पड़ सकता है। गौर रहे कि दशहरा में तंबोला युवाओं का आकर्षण होता है। तंबोला खेलने वालों की काफी अधिक भीड़ रहती है। तंबोला न शुरू होने को लेकर अब कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर लोगों की इसको लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा के बारे में इस बार कहा गया कि यह आपदा से राहत प्रदान करने के लिए समर्पित रहेगा लेकिन देखा जा रहा है कि यहां अव्यवस्था चल रही है।
विज्ञापन
दशहरा समिति को प्लॉट आवंटन से आय प्राप्त होती है। इसमें शर्त यह होती है कि सबसे कम बोलीदाता को अपनी कुल बोली का कम से कम 50 प्रतिशत राशि 24 घंटों के भीतर जमा करनी अनिवार्य होती है। इसमें देरी के चलते तंबोला शुरू नहीं हो पाया। तीन दिन तंबोला शुरू न होने से रेडक्रॉस सोसायटी को नुकसान हुआ है।