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Kullu News: 108-102 एंबुलेंस के कर्मियों की हड़ताल बनी आफत
Thu, 29 May 2025 06:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 29 May 2025 06:07 AM IST
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कुल्लू में 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारी हड़ताल के दौरान खड़े मरीदो को लाने और ले जाने वाले वा
- फोटो : पुलिस हिरासत में खड़े जानलेवा हमले के तीनों आरोपी।
कुल्लू। 108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की 24 घंटे की हड़ताल स्थास्थ्य विभाग के लिए आफत बनी। हड़ताल के कारण विभाग की कई योजनाओं में खलल पड़ा है। एंबुलेंस सेवा को जारी रखने के लिए विभाग को विभिन्न योजनाओं के सरकारी और रेडक्रॉस के चालकों को एंबुलेंस में चढ़ाना पड़ा है। इससे सबसे अधिक प्रभाव मोबाइल एंबुलेंस और क्षय रोग उन्मूलन अभियान पर पड़ा। इन दोनों योजनाओं के चालकों को एंबुलेंस सेवा जारी रखने के लिए शिफ्ट किया गया।
इससे अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई। जिला कुल्लू में रोजाना 100 से 120 कॉल पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, बंजार, आनी और निरमंड से आती हैं। इन मरीजों को 108 और 102 के कर्मचारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने का काम करते हैं, लेकिन बुधवार को यह काम विभाग के सरकारी चालकों को करना पड़ा। इसके लिए ड्यूटी रोस्टर में बदलाव किया गया। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि एंबुलेंस सेवाओं को जारी रखने के लिए विभाग के सरकारी चालकों और फार्मासिस्टों को ड्यूटी सौंपी गई।
नवजात शिशु को चंडीगढ़ किया रेफर
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू से नवजात शिशु को पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर किया गया है। आपातकालीन स्थिति में शिशु को चंडीगढ़ ले जाने के लिए एंबुलेंस में भी सरकारी चालक को ही भेजना पड़ा है।
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-डॉ. तारा चंद, एमएस कुल्लू अस्पताल।
सीएम दौरे से भी बनाई दूरी
108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों ने 24 घंटे की हड़ताल के चलते सीएम दौरे से भी दूरी बनाई है। ऐसे में वीआईपी ड्यूटी के लिए जो एंबुलेंस तैनात रही, उसमें भी सरकारी चालक को ही भेजा गया। 108 और 102 के कर्मचारियों ने सीएम के बंजार दौरे को भी पूरी तरह से दरकिनार किया।
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इससे अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई। जिला कुल्लू में रोजाना 100 से 120 कॉल पांचों स्वास्थ्य खंडों जरी, नग्गर, बंजार, आनी और निरमंड से आती हैं। इन मरीजों को 108 और 102 के कर्मचारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने का काम करते हैं, लेकिन बुधवार को यह काम विभाग के सरकारी चालकों को करना पड़ा। इसके लिए ड्यूटी रोस्टर में बदलाव किया गया। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनआर पवार ने कहा कि एंबुलेंस सेवाओं को जारी रखने के लिए विभाग के सरकारी चालकों और फार्मासिस्टों को ड्यूटी सौंपी गई।
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नवजात शिशु को चंडीगढ़ किया रेफर
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू से नवजात शिशु को पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर किया गया है। आपातकालीन स्थिति में शिशु को चंडीगढ़ ले जाने के लिए एंबुलेंस में भी सरकारी चालक को ही भेजना पड़ा है।
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-डॉ. तारा चंद, एमएस कुल्लू अस्पताल।
सीएम दौरे से भी बनाई दूरी
108 और 102 एंबुलेंस कर्मचारियों ने 24 घंटे की हड़ताल के चलते सीएम दौरे से भी दूरी बनाई है। ऐसे में वीआईपी ड्यूटी के लिए जो एंबुलेंस तैनात रही, उसमें भी सरकारी चालक को ही भेजा गया। 108 और 102 के कर्मचारियों ने सीएम के बंजार दौरे को भी पूरी तरह से दरकिनार किया।