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सुरक्षा कर्मियों ने सीएम से मिलने नहीं दिया बुजुर्ग
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कुल्लू। तीन दिनों के कुल्लू दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी कर दी है। सर्किट हाउस ढालपुर में रविवार को अंदर से लेकर बाहर तक सुरक्षा का कड़ा पहरा रहा। ऐसे में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे गई फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार को करीब 12:30 बजे सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे एक 60 साल के बुजुर्ग को सुरक्षा कर्मियों ने मिलने नहीं दिया।
बुजुर्ग ने दो बार सर्किट हाउस के मुख्य दरवाजे में अंदर जाने की कोशिश की। लेकिन हर बार उसे सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने रोका। इस दौरान पुलिस के अधिकारी सर्किट हाउस के मुख्य दरबार के बाहर लोगों को हटाते हुए भी नजर आए, जबकि यहां किसी तरह की भीड़ भी नहीं थी। इसके बावजूद फरियादी बुजुर्ग को नहीं जाने दिया गया। वह दरवाजे के बाहर काफी देर तक बैठा रहा और बार-बार मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गुहार लगाता रहा। जिला मुख्यालय के साथ लगते शीशमाटी के रहने वाले 60 वर्षीय बुधराम ने कहा कि उसे दो बिस्वा सरकारी जमीन मिली है, जहां उन्होंने एक घर बनाया है। घर बनाने के लिए भी पैसा सरकार ने दिया। लेकिन घर अभी अधूरा है और रहने लायक नहीं बन सका है। ऐसे में कुछ राशि की जरूरत है और इसको लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आए है। कहा कि वह करीब एक घंटे तक इंतजार करते रहे और उन्हें मिलने नहीं दिया गया। बुधराम ने कहा कि वह अकेले और बुजुर्ग है। वह कमा नहीं सकते है, इसलिए घर को रहने लायक बनाने के लिए सरकारी मदद चाहिए थी। उल्लेखनीय है कि भुंतर में पिछले माह मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारियों और पूर्व एसपी कुल्लू गौरव सिंह के बीच हुए मारपीट कांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। ऐसे में रविवार को जब मुख्यमंत्री ढालपुर के परिधि गृह पहुंचे तो दर्जन से अधिक कमांडो व दर्जनों पुलिस के जवान तैनात थे। इस दौरान सर्किट हाउस में लोग कम पुलिस के जवानों की संख्या अधिक थी।
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बुजुर्ग ने दो बार सर्किट हाउस के मुख्य दरवाजे में अंदर जाने की कोशिश की। लेकिन हर बार उसे सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने रोका। इस दौरान पुलिस के अधिकारी सर्किट हाउस के मुख्य दरबार के बाहर लोगों को हटाते हुए भी नजर आए, जबकि यहां किसी तरह की भीड़ भी नहीं थी। इसके बावजूद फरियादी बुजुर्ग को नहीं जाने दिया गया। वह दरवाजे के बाहर काफी देर तक बैठा रहा और बार-बार मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गुहार लगाता रहा। जिला मुख्यालय के साथ लगते शीशमाटी के रहने वाले 60 वर्षीय बुधराम ने कहा कि उसे दो बिस्वा सरकारी जमीन मिली है, जहां उन्होंने एक घर बनाया है। घर बनाने के लिए भी पैसा सरकार ने दिया। लेकिन घर अभी अधूरा है और रहने लायक नहीं बन सका है। ऐसे में कुछ राशि की जरूरत है और इसको लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आए है। कहा कि वह करीब एक घंटे तक इंतजार करते रहे और उन्हें मिलने नहीं दिया गया। बुधराम ने कहा कि वह अकेले और बुजुर्ग है। वह कमा नहीं सकते है, इसलिए घर को रहने लायक बनाने के लिए सरकारी मदद चाहिए थी। उल्लेखनीय है कि भुंतर में पिछले माह मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारियों और पूर्व एसपी कुल्लू गौरव सिंह के बीच हुए मारपीट कांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। ऐसे में रविवार को जब मुख्यमंत्री ढालपुर के परिधि गृह पहुंचे तो दर्जन से अधिक कमांडो व दर्जनों पुलिस के जवान तैनात थे। इस दौरान सर्किट हाउस में लोग कम पुलिस के जवानों की संख्या अधिक थी।
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