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Kullu News: राष्ट्रपति दौरे ने पढ़ाया अनुशासन का पाठ
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मनाली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मनाली दौरे ने पर्यटन नगरी को अनुशासन का एक नया पाठ पढ़ाया है। राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों के दौरान पिछले करीब एक सप्ताह में मनाली की बदली तस्वीर ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों का ध्यान खींचा। मालरोड पर बेहतर व्यवस्था, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन ने हर किसी को प्रभावित किया।
राष्ट्रपति के दौरे के चलते शहर में यातायात व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया। जगह-जगह पुलिस जवान तैनात रहे और वाहनों को नियंत्रित तरीके से आगे भेजा गया। इसका असर यह रहा कि पर्यटन सीजन में अक्सर जाम से जूझने वाले मनाली में कई जगह यातायात सुचारु दिखा। खास बात यह रही कि ओवरटेक करने वाले वाहन चालक भी एक कतार में वाहन चलाते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह यातायात नियमों का पालन हो तो मनाली को जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
मालरोड पर भी राष्ट्रपति के दौरे से पहले विशेष सफाई और व्यवस्था की गई। दुकानों के बाहर फैला सामान व्यवस्थित किया गया और सड़कें साफ नजर आईं। बदली व्यवस्था को देखकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई। लोगों ने सवाल उठाया कि जब कुछ दिन के लिए मनाली को इतना साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाया जा सकता है तो ऐसी व्यवस्था हमेशा क्यों नहीं रह सकती।
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नगर परिषद अध्यक्ष चंद्रा पधान ने कहा कि राष्ट्रपति के मनाली आगमन की तैयारियों के दौरान नगर परिषद की एक छोटी-सी अपील पर मालरोड के सभी व्यापारियों ने जिस तरह सहयोग किया और दुकानों का सामान शटर के अंदर व्यवस्थित किया, वह काबिलेतारीफ है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक बदलाव को कुछ दिनों तक सीमित रखने के बजाय इसे हमेशा के लिए अपनी आदत और व्यवस्था का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मालरोड मनाली आने वाले हर पर्यटक के लिए स्वच्छता, सुंदरता और अनुशासन की मिसाल बनना चाहिए। इसके लिए प्रशासन, नगर परिषद, व्यापारियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने कहा कि मनाली को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि मनाली को ऐसा शहर बनाएं, जहां हर आने वाला पर्यटक खुद को स्वागत योग्य महसूस करे।
राष्ट्रपति का दौरा भले ही संपन्न हो गया है, लेकिन इस दौरान मनाली में दिखी अनुशासित व्यवस्था ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है, क्या हम इस व्यवस्था को राष्ट्रपति दौरे तक ही सीमित रखेंगे या इसे मनाली की स्थायी पहचान बनाएंगे?
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राष्ट्रपति के दौरे के चलते शहर में यातायात व्यवस्था को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया। जगह-जगह पुलिस जवान तैनात रहे और वाहनों को नियंत्रित तरीके से आगे भेजा गया। इसका असर यह रहा कि पर्यटन सीजन में अक्सर जाम से जूझने वाले मनाली में कई जगह यातायात सुचारु दिखा। खास बात यह रही कि ओवरटेक करने वाले वाहन चालक भी एक कतार में वाहन चलाते नजर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह यातायात नियमों का पालन हो तो मनाली को जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
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मालरोड पर भी राष्ट्रपति के दौरे से पहले विशेष सफाई और व्यवस्था की गई। दुकानों के बाहर फैला सामान व्यवस्थित किया गया और सड़कें साफ नजर आईं। बदली व्यवस्था को देखकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई। लोगों ने सवाल उठाया कि जब कुछ दिन के लिए मनाली को इतना साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाया जा सकता है तो ऐसी व्यवस्था हमेशा क्यों नहीं रह सकती।
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नगर परिषद अध्यक्ष चंद्रा पधान ने कहा कि राष्ट्रपति के मनाली आगमन की तैयारियों के दौरान नगर परिषद की एक छोटी-सी अपील पर मालरोड के सभी व्यापारियों ने जिस तरह सहयोग किया और दुकानों का सामान शटर के अंदर व्यवस्थित किया, वह काबिलेतारीफ है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक बदलाव को कुछ दिनों तक सीमित रखने के बजाय इसे हमेशा के लिए अपनी आदत और व्यवस्था का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मालरोड मनाली आने वाले हर पर्यटक के लिए स्वच्छता, सुंदरता और अनुशासन की मिसाल बनना चाहिए। इसके लिए प्रशासन, नगर परिषद, व्यापारियों, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। एसडीएम गुंजीत सिंह चीमा ने कहा कि मनाली को स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित बनाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि मनाली को ऐसा शहर बनाएं, जहां हर आने वाला पर्यटक खुद को स्वागत योग्य महसूस करे।
राष्ट्रपति का दौरा भले ही संपन्न हो गया है, लेकिन इस दौरान मनाली में दिखी अनुशासित व्यवस्था ने एक सवाल जरूर छोड़ दिया है, क्या हम इस व्यवस्था को राष्ट्रपति दौरे तक ही सीमित रखेंगे या इसे मनाली की स्थायी पहचान बनाएंगे?