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Kullu News: पुल का अप्रोच मार्ग एक साल बाद भी नहीं हो पाया पक्का
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नग्गर/पतलीकूहल। नेशनल हाईवे-3 को वामतट स्थित नग्गर क्षेत्र से जोड़ने वाले पुल की एप्रोच सड़क का करीब 150 मीटर हिस्सा बाढ़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया था। एक साल बीतने के बाद भी सड़क के इस हिस्से को पक्का नहीं किया गया है। मरम्मत न होने से ऊझी घाटी और नग्गर क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों सेब सीजन जोरों पर होने के कारण बागवानों की चिंता और बढ़ गई है।
पतलीकूहल-नग्गर पुल की एप्रोच सड़क वामतट क्षेत्र के कई गांवों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है। क्षेत्र के बागवान इसी सड़क के माध्यम से सेब और अन्य कृषि उपज को पतलीकूहल सब्जी मंडी और अन्य बाजारों तक पहुंचाते हैं। करीब 150 मीटर हिस्सा लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण फल से लदे वाहनों को यहां से गुजरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बागवानों का कहना है कि सेब से लदे वाहनों को खराब सड़क पर हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ता है। इससे सेब की पेटियों और फलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही के दौरान जाम की स्थिति बन जाती है। सेब सीजन में इस मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाती है। एडवोकेट छविंदर ठाकुर और जोगिंदर मेहरा ने कहा कि पतलीकूहल-नग्गर एप्रोच रोड केवल संपर्क सड़क नहीं, बल्कि वामतट क्षेत्र की बड़ी आबादी और बागवानों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम है। नग्गर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी सड़क के जरिये पतलीकूहल, कुल्लू और मनाली की ओर आवाजाही करते हैं।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप शर्मा ने बताया कि विभाग को सड़क की स्थिति की जानकारी है। क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द पक्का कर दिया जाएगा, ताकि लोगों और बागवानों को राहत मिल सके। संवाद
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पतलीकूहल-नग्गर पुल की एप्रोच सड़क वामतट क्षेत्र के कई गांवों को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ती है। क्षेत्र के बागवान इसी सड़क के माध्यम से सेब और अन्य कृषि उपज को पतलीकूहल सब्जी मंडी और अन्य बाजारों तक पहुंचाते हैं। करीब 150 मीटर हिस्सा लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण फल से लदे वाहनों को यहां से गुजरने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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बागवानों का कहना है कि सेब से लदे वाहनों को खराब सड़क पर हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ता है। इससे सेब की पेटियों और फलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण बड़े वाहनों की आवाजाही के दौरान जाम की स्थिति बन जाती है। सेब सीजन में इस मार्ग पर वाहनों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाती है। एडवोकेट छविंदर ठाकुर और जोगिंदर मेहरा ने कहा कि पतलीकूहल-नग्गर एप्रोच रोड केवल संपर्क सड़क नहीं, बल्कि वामतट क्षेत्र की बड़ी आबादी और बागवानों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने का महत्वपूर्ण माध्यम है। नग्गर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोग इसी सड़क के जरिये पतलीकूहल, कुल्लू और मनाली की ओर आवाजाही करते हैं।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप शर्मा ने बताया कि विभाग को सड़क की स्थिति की जानकारी है। क्षतिग्रस्त हिस्से को जल्द पक्का कर दिया जाएगा, ताकि लोगों और बागवानों को राहत मिल सके। संवाद