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Kullu News: देवता गौहरी के आगमन से पीपल जातर मेले का आगाज
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देवता गौहरी अपने मंदिर से अस्थाई शिविर की ओर जाते हुए। संवाद
कुल्लू। देवता गौहरी के ढालपुर मैदान पहुंचते ही ऐतिहासिक पीपल जातर मेला शुरू हो गया है। तीन दिनों तक चलने वाले मेले में देवता गौहरी अपने अस्थायी शिविर में विराजमान हो गए हैं। यहां वह श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। मंगलवार को देवता गौहरी ढोल नगाड़ों की थाप पर अपने ढालपुर स्थित मंदिर से प्रदर्शनी मैदान ढालपुर में अपने अस्थायी शिविर तक पहुंचे।
इस दौरान देव समाज से जुड़े लोगों ने परंपरागत देव नृत्य किया। इसी के साथ 30 अप्रैल तक चलने वाले पीपल जातर मेले का आगाज हो गया। अस्थायी शिविर पहुंचकर देवता ने देव नृत्य किया और हारियानों ने भी देवता के साथ नाटी डाली। लोगों ने परंपरागत गीतों और ढोल नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली और कुल्लवी संस्कृति का प्रदर्शन किया। मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे देवता गौहरी ढालपुर रथ मैदान के साथ लगते अपने मंदिर से बाहर निकले और यहां देव परंपरा निभाने के बाद पूरे लाव लश्कर के साथ अस्थायी शिविर तक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने देवता के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
देवता गौहरी के कारदार राज कुमार ने बताया कि पीपल जातर उत्सव मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस जातर का आगाज देवता गौहरी के ढालपुर पहुंचने पर होता है। देवता तीन दिनों तक श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं और श्रद्धालु यहां देवता के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
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उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी का कहना है कि पीपल जातर का आगाज देवता के आगमन पर हुआ है। कारोबारियों को भी प्लॉट आवंटन किया गया है जिसके चलते उन्होंने कारोबार करने के लिए दुकानें सजा दी हैं। दूसरी तरफ लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कलाकारों की सूची फाइनल कर दी है। नगर परिषद हर सांस्कृतिक संध्या में 30 से अधिक स्थानीय कलाकारों को कार्यक्रम पेश करने का मौका दे रही है। संवाद
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इस दौरान देव समाज से जुड़े लोगों ने परंपरागत देव नृत्य किया। इसी के साथ 30 अप्रैल तक चलने वाले पीपल जातर मेले का आगाज हो गया। अस्थायी शिविर पहुंचकर देवता ने देव नृत्य किया और हारियानों ने भी देवता के साथ नाटी डाली। लोगों ने परंपरागत गीतों और ढोल नगाड़ों की थाप पर नाटी डाली और कुल्लवी संस्कृति का प्रदर्शन किया। मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे देवता गौहरी ढालपुर रथ मैदान के साथ लगते अपने मंदिर से बाहर निकले और यहां देव परंपरा निभाने के बाद पूरे लाव लश्कर के साथ अस्थायी शिविर तक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने देवता के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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देवता गौहरी के कारदार राज कुमार ने बताया कि पीपल जातर उत्सव मनाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस जातर का आगाज देवता गौहरी के ढालपुर पहुंचने पर होता है। देवता तीन दिनों तक श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं और श्रद्धालु यहां देवता के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
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उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी का कहना है कि पीपल जातर का आगाज देवता के आगमन पर हुआ है। कारोबारियों को भी प्लॉट आवंटन किया गया है जिसके चलते उन्होंने कारोबार करने के लिए दुकानें सजा दी हैं। दूसरी तरफ लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कलाकारों की सूची फाइनल कर दी है। नगर परिषद हर सांस्कृतिक संध्या में 30 से अधिक स्थानीय कलाकारों को कार्यक्रम पेश करने का मौका दे रही है। संवाद
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