कुछ सालों से कुल्लू में बढ़ा तापमान
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जिला कुल्लू में पिछले कुछ सालों से तापमान बढ़ा है। मौसम परिवर्तन से कृषि और बागवानी पर प्रभाव पड़ा है। इसका खुलासा जिला मुख्यालय कुल्लू जिला परिषद भवन सभागार में वीरवार को मौसम में हो रहे बदलाव को लेकर कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने किया। कार्यशाला में हाल ही वर्षों में तथा वर्तमान में हो रहे मौसम बदलाव को लेकर चर्चा हुई। स्टेट काउंसिल फोर साइंस एंड टेक्नालाजी के डॉ. एसएस रंधावा ने कहा कि मौसम परिवर्तन का असर जहां हिमालय क्षेत्र में देखने को मिला है। वहीं इसका असर जिला कुल्लू में भी साफ नजर आ रहा है। पीक विंटर समय दिसंबर, जनवरी में भी जिला कुल्लू में बर्फ कम ही देखने को मिल रही है।
पिछले करीब 10 से 15 सालों के अंदर जिला कुल्लू में बारिश भी कम होने लगी है। बारिश के कम होने का सीधा असर यहां के तापमान पर भी हुआ है। तापमान बढ़ने के साथ यहां की जलवायु, खेती व बागवानी पर असर होना लाजिमी है। पार्वती वैली, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क, सराज और सैंज वैली में ग्लेशियरों में हो रही हलचलों के बारे में बताया। बागवानी विभाग के उपनिदेशक रोशन लाल शर्मा ने कहा कि कभी बजौरा, भुंतर में पैदा होने वाला सेब की बेल्ट अब मौसम परिवर्तन के कारण ऊपर खिसक गई है। जबकि इन क्षेत्रों में अधिक ठंड के कारण पहले सेब नहीं हो पाता था। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के डीएफओ एम कृपा शंकर ने भी नेशनल पार्क के इक्को सिस्टम में हुए बदलाव को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान जनिन कुरिगर, राजस्व अधिकारी रमन घरसंगी, दिव्या मोहन, मूनिस, श्रीरिष सिन्हा, मुस्तफा अली खान आदि मौजूद रहे।