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Kullu News: क्षेत्रीय अस्पताल के बाहर लोगों को परेशान कर रहे लावारिस कुत्ते
Mon, 10 Nov 2025 12:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:02 AM IST
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परिचर्चा-शीला।-स्वयं
मरीजों के साथ तीमारदारों को भी पेश आ रही समस्या, फुटपाथ पर सफर करने वाले भी झेल रहे दिक्कत
निजी अस्पतालों और क्लीनिक के बाहर भी कुत्तों का झुंड
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू में लावारिस कुत्ते लोगों को परेशान कर रहे हैं। खासकर क्षेत्रीय अस्पताल परिसर और इसके साथ लगते फुटपाथ में अक्सर लावारिस कुत्तों ने डेरा डाले रहते हैं। इस कारण आम लोगों के साथ-साथ अस्पताल में उपचार करवाने आने वाले मरीजों और तीमारदारों को भी समस्या झेलनी पड़ रही है। इतना ही नहीं सरकारी अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों और क्लीनिक के बाहर भी मरीजों और तीमारदारों को लावारिस कुत्ते परेशान कर रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल के साथ ही तीन अस्पताल और चार क्लीनिक मौजूद हैं इनके बाहर और यहां जाने वाले रास्ते में कुत्ते परेशानी का कारण बने हुए हैं।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर आदेश दिए हैं कि आठ हफ्तों के भीतर सार्वजनिक स्थलों और इसके आसपास के लावारिस कुत्तों और मवेशियों को हटाकर आश्रय में डाला जाए लेकिन जिस तरह से शहर में कुत्तों की तादाद है उससे आठ हफ्तों के भीतर प्रशासन और नगर परिषद के लिए भी इसकी व्यवस्था करना काफी चुनौती होगा। प्रशासन और नगर परिषद अगर समय पर इसके लिए ठोस कदम उठाता है तो इससे लोगों को काफी राहत मिल सकेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल, लोगों को काफी ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई बार लोग आक्रामक कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। जबकि छोटे बच्चों को इन इलाकों में भेजना चुनौती बना हुआ है। लोगों की मानें तो अगर कोई व्यक्ति बैग में सामान लेकर आता जाता है तो कुत्तों का झुंड उनके पीछे हमला करने को दौड़ता है और कई बार पैदल चलने वाले अन्य लोगों पर भी हमला कर रहे हैं।
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बाक्स
लावारिस कुत्ते गलियों के साथ सरकारी और निजी अस्पतालों के आसपास भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। नगर परिषद और जिला प्रशासन को इसके लिए जल्द ही समाधान करना चाहिए। -विक्की, लंकाबेकर
बाक्स,
खतरा बने लावारिस कुत्तों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और नगर परिषद को उचित कदम उठाने की जरूरत है और यह समय रहते कदम उठाया जाना जरूरी है। -शीला नेगी, कुल्लू
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निजी अस्पतालों और क्लीनिक के बाहर भी कुत्तों का झुंड
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू में लावारिस कुत्ते लोगों को परेशान कर रहे हैं। खासकर क्षेत्रीय अस्पताल परिसर और इसके साथ लगते फुटपाथ में अक्सर लावारिस कुत्तों ने डेरा डाले रहते हैं। इस कारण आम लोगों के साथ-साथ अस्पताल में उपचार करवाने आने वाले मरीजों और तीमारदारों को भी समस्या झेलनी पड़ रही है। इतना ही नहीं सरकारी अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों और क्लीनिक के बाहर भी मरीजों और तीमारदारों को लावारिस कुत्ते परेशान कर रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल के साथ ही तीन अस्पताल और चार क्लीनिक मौजूद हैं इनके बाहर और यहां जाने वाले रास्ते में कुत्ते परेशानी का कारण बने हुए हैं।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर आदेश दिए हैं कि आठ हफ्तों के भीतर सार्वजनिक स्थलों और इसके आसपास के लावारिस कुत्तों और मवेशियों को हटाकर आश्रय में डाला जाए लेकिन जिस तरह से शहर में कुत्तों की तादाद है उससे आठ हफ्तों के भीतर प्रशासन और नगर परिषद के लिए भी इसकी व्यवस्था करना काफी चुनौती होगा। प्रशासन और नगर परिषद अगर समय पर इसके लिए ठोस कदम उठाता है तो इससे लोगों को काफी राहत मिल सकेगी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल, लोगों को काफी ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई बार लोग आक्रामक कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं। जबकि छोटे बच्चों को इन इलाकों में भेजना चुनौती बना हुआ है। लोगों की मानें तो अगर कोई व्यक्ति बैग में सामान लेकर आता जाता है तो कुत्तों का झुंड उनके पीछे हमला करने को दौड़ता है और कई बार पैदल चलने वाले अन्य लोगों पर भी हमला कर रहे हैं।
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लावारिस कुत्ते गलियों के साथ सरकारी और निजी अस्पतालों के आसपास भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। नगर परिषद और जिला प्रशासन को इसके लिए जल्द ही समाधान करना चाहिए। -विक्की, लंकाबेकर
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खतरा बने लावारिस कुत्तों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और नगर परिषद को उचित कदम उठाने की जरूरत है और यह समय रहते कदम उठाया जाना जरूरी है। -शीला नेगी, कुल्लू

परिचर्चा-शीला।-स्वयं