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Kullu News: हृदयरोगों के इलाज के लिए नहीं लगेगी शिमला-चंडीगढ़ की दौड़

Wed, 26 Nov 2025 10:22 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Wed, 26 Nov 2025 10:22 PM IST
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Shimla-Chandigarh race will not be held for the treatment of heart diseases.
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मिलेगी सुविधा, जल्द स्थापित की जाएगा कैथ लैब
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केंद्र सरकार ने लैब की स्थापना के लिए जारी किया 7.94 करोड़ रुपये का बजट
एक साल के भीतर क्षेत्रीय अस्पताल के पुराने भवन में तैयार की जाएगी प्रयोगशाला

गौरीशंकर
कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में अब आईजीएमसी शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर हृदय रोगों का उपचार संभव हो सकेगा। इसके लिए विभाग ने कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला (कैथ लैब) स्थापित करने की तैयारी कर ली है।
केंद्र सरकार ने इस लैब की स्थापना करने के लिए 7 करेड़ 94 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है। ऐसे में जल्द ही कैथ लैब बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्रीय अस्पताल के पुराने भवन की दूसरी मंजिल में इस प्रयोगशाला को स्थापित करने की योजना बनाई है। इसमें 7 करोड़ रुपये से ढांचा तैयार किया जाएगा जबकि 94 लाख रुपये से आधुनिक उपकरण और मशीनें स्थापित की जाएगी। यह प्रयोगशाला हृदय से संबंधित रोगों का उपचार करने में मददगार साबित होगी। इससे पहले हृदय से संबंधित रोगों का उपचार करवाने के लिए आईजीएमसी शिमला और पीजीआई चंडीगढ़ जाना पड़ता है लेकिन कुल्लू में यह लैब स्थापित होने के बाद लोगों को जिला से बाहर जाने की जरूरत नहीं रहेगी।
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कैथ लैब में होता है यह उपचार
कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला (कैथ लैब) स्थापित होने से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी (हृदय की धमनियों का ब्लाकेज हटाना), हार्ट वाल्व रिप्लेसमेंट और पेसमेकर लगाने जैसे काम आसानी से हो सकेंगे। यह सुविधा अभी बड़े मेडिकल कॉलेज से संबंधित अस्पतालों में उपलब्ध है। चिकित्सा के क्षेत्र में कैथ लैब का महत्वपूर्ण स्थान है। विशेषज्ञों के अनुसार इस लैब में उच्च तकनीकी उपकरण और विशेषज्ञ टीम होती है जो मरीजों को समय रहते सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रदान करते हैं।
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कैथेटराइजेशन प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए विभाग के पास 7 करोड़ 94 लाख रुपये का बजट आ चुका है। जल्द ही इसके निर्माण कार्य से संबंधित औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और कार्य शुरू कर दिया जाएगा। एक साल के भीतर यह प्रयोगशाला शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. रणजीत ठाकुर, मख्य चिकित्सा अधिकारी
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