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Kullu News: तिंदी में शेरी जाच मेले का आगाज, लोकगीतों और नृत्य से सजी शाम
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। उपमंडल के तिंदी में बुधवार को शेरी जाच मेले का विधिवत आगाज हुआ। दो दिवसीय मेले में सुबह से ही श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही।
पारंपरिक वेशभूषा में लोग मेला मैदान पहुंचे। दिनभर तिंदी बाजार में भी रौनक बनी रही। मान्यता है कि मेले में देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना करने से घाटी में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। महिला मंडलों और अन्य प्रतिभागियों ने लोकगीतों और लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां देकर लोगों का मनोरंजन किया। वहीं, स्थानीय व्यंजनों और हस्तशिल्प के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
शेरी जाच मेले को लाहौल और पांगी घाटी के सांस्कृतिक मिलन का प्रतीक माना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मेला केवल उत्सव नहीं बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं और आपसी भाईचारे को जीवित रखने का माध्यम भी है।
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पारंपरिक वेशभूषा में लोग मेला मैदान पहुंचे। दिनभर तिंदी बाजार में भी रौनक बनी रही। मान्यता है कि मेले में देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना करने से घाटी में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।
मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। महिला मंडलों और अन्य प्रतिभागियों ने लोकगीतों और लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां देकर लोगों का मनोरंजन किया। वहीं, स्थानीय व्यंजनों और हस्तशिल्प के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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शेरी जाच मेले को लाहौल और पांगी घाटी के सांस्कृतिक मिलन का प्रतीक माना जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मेला केवल उत्सव नहीं बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं और आपसी भाईचारे को जीवित रखने का माध्यम भी है।
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