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शैंशर बस हादसा: मृतकों की शांति के लिए किया हवन-पाठ
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सैंज के शैंशर में हुए बस हादसे के मृतक लोगों की शांति के लिए शांति यज्ञ करते परिजन। संवाद।
- फोटो : Kullu
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सैंज/न्यूली (कुल्लू)। शैंशर बस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए एक माह बाद हवन-पाठ किया गया। मृतकों के परिजनों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
हवन-पाठ हादसे स्थल जंगला में किया गया। यहां तीन घंटे तक तीन पंडितों ने हवन-पाठ किया। पंडित हीरा लाल शर्मा, हरि दत्त शर्मा और मनीष शर्मा ने मंत्र पढ़े। हादसे वाले स्थान पर डोलनू देवता की स्थापना भी भी की गई ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो सके।
बता दें कि चार जुलाई को सैंज के शैंशर में निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसमें 13 लोगों ने जान गंवाई थी। हादस में चालक-परिचालक ही बच पाए थे। इसमें कई घरों के चिराग भी बुझ गए। अब मृतकों के परिजनों ने एक माह के बाद घटनास्थल पर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए हवन-पाठ करवाया।
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मृतकों के परिजन गोपाल, यशपाल, प्रेम सिंह, ठाकुर दत्त, नेसराम, मोहन लाल, खेमराज, नीमत राम और भादर सिंह ने बताया कि मृतकों की आत्मा की शांति के लिए तीन घंटे तक हवन-पाठ किया है। यहां पर डोलनू यानी लोहे के देवता की स्थापना की गई।
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हवन-पाठ हादसे स्थल जंगला में किया गया। यहां तीन घंटे तक तीन पंडितों ने हवन-पाठ किया। पंडित हीरा लाल शर्मा, हरि दत्त शर्मा और मनीष शर्मा ने मंत्र पढ़े। हादसे वाले स्थान पर डोलनू देवता की स्थापना भी भी की गई ताकि भविष्य में ऐसी घटना न हो सके।
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बता दें कि चार जुलाई को सैंज के शैंशर में निजी बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। इसमें 13 लोगों ने जान गंवाई थी। हादस में चालक-परिचालक ही बच पाए थे। इसमें कई घरों के चिराग भी बुझ गए। अब मृतकों के परिजनों ने एक माह के बाद घटनास्थल पर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए हवन-पाठ करवाया।
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मृतकों के परिजन गोपाल, यशपाल, प्रेम सिंह, ठाकुर दत्त, नेसराम, मोहन लाल, खेमराज, नीमत राम और भादर सिंह ने बताया कि मृतकों की आत्मा की शांति के लिए तीन घंटे तक हवन-पाठ किया है। यहां पर डोलनू यानी लोहे के देवता की स्थापना की गई।