{"_id":"6abe51fc904924a3a506aad1","slug":"shalin-taught-students-at-the-school-ways-to-stay-safe-during-disasters-kullu-news-c-89-1-ssml1014-188200-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: शलीन स्कूल में छात्रों को सिखाए आपदा से बचाव के तरीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: शलीन स्कूल में छात्रों को सिखाए आपदा से बचाव के तरीके
विज्ञापन
64 विद्यार्थियों और 10 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण में भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राजकीय उच्च विद्यालय शलीन में माउंटेन फोरम हिमालयाज की ओर से आपदा प्रबंधन जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 64 विद्यार्थियों और 10 शिक्षकों ने भाग लिया।
प्रोजेक्ट समन्वयक कीर्ति ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला भूकंप, भूस्खलन और अग्निकांड जैसी आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना जरूरी है।
मुख्य प्रशिक्षक योगराज और बेलीराम ने भूकंप के दौरान ड्रॉप-कवर-होल्ड तकनीक, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान, आग लगने पर सुरक्षित निकासी और आपात स्थिति में स्कूल भवन से बाहर निकलने की प्रक्रिया समझाई। प्रतिभागियों को मॉक ड्रिल और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया गया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षकों से सवाल-जवाब किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य जय किशन ने संस्था के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आपदा के समय स्वयं और दूसरों की मदद करने का आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम में स्कूल में स्कूल डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आपदा के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राजकीय उच्च विद्यालय शलीन में माउंटेन फोरम हिमालयाज की ओर से आपदा प्रबंधन जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 64 विद्यार्थियों और 10 शिक्षकों ने भाग लिया।
प्रोजेक्ट समन्वयक कीर्ति ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला भूकंप, भूस्खलन और अग्निकांड जैसी आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील है। ऐसे में स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना जरूरी है।
विज्ञापन
मुख्य प्रशिक्षक योगराज और बेलीराम ने भूकंप के दौरान ड्रॉप-कवर-होल्ड तकनीक, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान, आग लगने पर सुरक्षित निकासी और आपात स्थिति में स्कूल भवन से बाहर निकलने की प्रक्रिया समझाई। प्रतिभागियों को मॉक ड्रिल और प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया गया। विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षकों से सवाल-जवाब किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य जय किशन ने संस्था के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से विद्यार्थियों में आपदा के समय स्वयं और दूसरों की मदद करने का आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम में स्कूल में स्कूल डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी का गठन किया गया। कमेटी में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आपदा के दौरान अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संवाद
विज्ञापन