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सुलह और आपसी सहमति से निपटाएं मामले : विशाल
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पैन इंडिया मिडिएशन अभियान 2.0 का उठाएं लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अदालतों में लंबित मामलों का निपटारा मध्यस्थता, सुलह और आपसी सहमति से भी किया जा सकता है। इससे दोनों पक्षों के समय और धन की बचत होगी। सौहार्दपूर्ण संबंध भी बने रहते हैं। यह बात जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव विशाल तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि अदालतों में कई मामले लंबे समय तक लंबित रहते हैं। इससे दोनों पक्षों का बहुमूल्य समय और धन खर्च होता है। इससे बचने के लिए मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति एक बहुत ही अच्छा माध्यम हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नाल्सा) ने राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 2.0 अभियान शुरू किया है। अगर कोई इस अभियान के तहत अपने केस का निपटारा करवाना चाहता है, तो वह संबंधित अदालत में आवेदन कर सकता है। मध्यस्थता के लिए कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस के मामले, दुर्घटनाओं से संबंधित केस, किमिनल कपाउंडेबल अपराध, बीमा और एलए आदि से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए राष्ट्रीय लोक अदालतें भी लगाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि अगली राष्ट्रीय लोक अदालत की तिथि 12 सितंबर को निर्धारित की गई है। संवाद
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