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Kullu News: देहुरी मेले में पहुंचे देव लोमश ऋषि
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देवता खुडीजल के साथ हुआ देव मिलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। देव खुडीजल के सम्मान में देहुरी में मनाए जा रहे 20 आषाढ़ मेले में जलोड़ी क्षेत्र के देवता लोमश ऋषि (देवता दरशोनी) पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचे। देवता का रथ रविवार दोपहर करीब 2 बजे देव खुडीजल की सौह पहुंचा। सबसे पहले देवता ने परिक्रमा कर लोगों को आशीर्वाद दिया। बाद में देवमिलन हुआ। इसके बाद पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, करनाल, नरसिंगे, शहनाई की स्वरलहरियों के साथ देव नृत्य हुआ।
इसमें देवता के देवलू और मेले में आए कुल्लू-मडी जिले के लोग झूम उठे। मेले के दूसरे दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। शाम के समय मेला परिसर में नाटी भी डाली गई। कारदार शेर सिंह, सचिव पूर्ण चंद, सागर दास और सतपाल ठाकुर ने कहा कि मेले में मेहमान देवता के आने से रौनक बढ़ गई है। कई वर्षों के बाद 20 आषाढ़ मेले में किसी देवता ने भाग लिया है। मेले में दोपहर एक बजे से लेकर शाम छह बजे तक देवताओं के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए लोगों को तांता लगा रहा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। देव खुडीजल के सम्मान में देहुरी में मनाए जा रहे 20 आषाढ़ मेले में जलोड़ी क्षेत्र के देवता लोमश ऋषि (देवता दरशोनी) पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचे। देवता का रथ रविवार दोपहर करीब 2 बजे देव खुडीजल की सौह पहुंचा। सबसे पहले देवता ने परिक्रमा कर लोगों को आशीर्वाद दिया। बाद में देवमिलन हुआ। इसके बाद पारंपरिक ढोल-नगाड़ों, करनाल, नरसिंगे, शहनाई की स्वरलहरियों के साथ देव नृत्य हुआ।
इसमें देवता के देवलू और मेले में आए कुल्लू-मडी जिले के लोग झूम उठे। मेले के दूसरे दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। शाम के समय मेला परिसर में नाटी भी डाली गई। कारदार शेर सिंह, सचिव पूर्ण चंद, सागर दास और सतपाल ठाकुर ने कहा कि मेले में मेहमान देवता के आने से रौनक बढ़ गई है। कई वर्षों के बाद 20 आषाढ़ मेले में किसी देवता ने भाग लिया है। मेले में दोपहर एक बजे से लेकर शाम छह बजे तक देवताओं के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए लोगों को तांता लगा रहा। संवाद
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